DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

समाधान की ओर सेना की वेतन संबंधी मांग

छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने से जुड़े सैन्य बलों के मुद्दों का समाधान इस शनिवार तक होने की संभावना है। रक्षा सूत्रों ने विभिन्न परिस्थितियों की आेर संकेत करते हुए बताया कि तमाम तरह के राजनीतिक मामलों से घिरी सरकार कम से कम सैन्य बलों के मुद्दे का बोझ संसद के सत्र में लेकर नहीं जाएगी और मुखर्जी समिति द्वारा इस शनिवार तक समाधान का फामरूला सुझा दिया जाएगा। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी सोमवार को ही इस बात का संकेत दे चुके हैं। संवाददाताआें से बातचीत करते हुए उन्होंने किसी तारीख का जिक्र नहीं किया लेकिन कहा कि बहुत जल्दी ही इसका समाधान हो जाएगा। उनका कहना था कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस बाबत बात कर चुके हैं और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से उनकी बातचीत अभी होनी है। प्रधानमंत्री ने सैन्य बलों की आेर से चार विसंगतियां गिनाए जाने के बाद गत 25 सितंबर को विदेश मंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसमें चिदम्बरम के अलावा रक्षा मंत्री एके एंटनी भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि संसद का सत्र शुक्रवार 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और दोनों सदनों में चर्चा का दौर 21 तारीख से ही शुरू हो पाएगा। इस बीच मुखर्जी समिति द्वारा सैन्य बलों के मुद्दों के समाधान की घोषणा होने की उम्मीद है। रक्षा सूत्रों ने संभावना जताई कि रक्षा बलों की चार प्रमुख मांगों में से दो काफी महत्वपूर्ण हैं, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल के वेतन को वेतन बैंड चार में रखने और ऑफिसर से नीचे के रैंक के कर्मियों की पेंशन वेटेज 70 प्रतिशत तक बहाल करने का मामला शामिल है। लेफ्टिनेंट जनरलों को उच्चतर प्रशासनिक ग्रेड में रखने के मामले में भी मुखर्जी समिति द्वारा सकारात्मक रूख अपनाए जाने की उम्मीद की जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: समाधान की ओर सेना की वेतन संबंधी मांग