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अनसूचिज जाति विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर मिलेगा खाना

समय रहते सरकार ने पकड़ ली गड़बड़ी। नतीजा यह हुआ कि अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चों को खाने लायक भोजन मिलने की उम्मीद जागी है। अब इन बच्चों को भी दूध और फल ही नहीं महीने में चार बार लजीज खाना दिया जाएगा। राज्य सरकार ने तय किया है कि इन आवासीय विद्यालयों के बच्चों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर भोजन दिया जाए। अगले महीने से इन विद्यालयों में भोजन की नई प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि अनुसूचित जाति विद्यालयों में भोजन देने का जिम्मा स्वयंसेवी संगठनों को दिया गया था। इसके लिए टेंडर किया गया।ड्ढr ड्ढr गड़बड़ी यह हुई कि नियम के अनुसार टेंडर उन संगठनों को दे दिया गया जिन्होंने सबसे कम पैसे में बच्चों को भोजन देने की बोली लगाई थी। अब ऐसे संगठन भोजन की गुणवत्ता के साथ समझौता करने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि बच्चों को अच्छा खाना नहीं मिल रहा था। उन्होंने बताया कि नवोदय विद्यालय में एक बच्चे के भोजन पर साढ़े छह सौ रुपये का प्रावधान है और अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालयों में नौ सौ रुपये का। फिर भी नवोदय विद्यालय के भोजन का स्तर अनुसूचित जाति विद्यालय से बेहतर होता है।ड्ढr ड्ढr स्थिति में सुधार के लिए सरकार ने विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई जिसमें नवोदय विद्यालय के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया। इसमें बच्चों के खाने के लिए एक मेनू बनाया गया। साथ ही तय हुआ कि जो लोग नौ सौ रुपये में इस मेनू के अनुसार भोजन देंगे उन्हें ही यह जिम्मेवारी दी जाएगी। यदि संबंधित विद्यालय के शिक्षक भी इसके लिए तैयार हो जाएंगे तो उन्हें यह जिम्मेवारी दे दी जाएगी।

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