अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोहाली में हमेशा चमके हैं ‘फैव फाइव’

भारत के पांच दिग्गज भले ही बेंगलुरु में चमक बिखरने में नाकाम रहे, लेकिन मोहाली में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उनसे चमकदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। इसका कारण यह है कि पांचों दिग्गजों का मोहाली में प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। खासतौर पर अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण का, जिन्होंने गेंद और बल्ले से विपक्षी टीमों को हैरान किया है। कुंबले ने इस मैदान पर जहां सात मैचों में 36 विकेट अपने खाते में डाले हैं, वहीं लक्ष्मण ने तीन मैचों की चार पारियों में दो बार नाबाद रहते हुए 128.50 के औसत से 257 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक (104 नाबाद) और दो अर्धशतक शामिल हैं। कुंबले यहां दो बार ‘मैन ऑफ द मैच’ चुने गए हैं। राहुल द्रविड़ ने यहां छह मैचों की नौ पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 58.75 के औसत से सबसे अधिक 47रन बनाए हैं। इस मैदान पर उनका सर्वोच्च स्कोर 144 रन रहा है और एक शतक तथा तीन अर्धशतक लगाए हैं। इस टेस्ट श्रंखला के बाद संन्यास की घोषणा कर चुके पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने चार मैचों की पांच पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 60.75 के औसत से 243 रन बनाए हैं। गांगुली ने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया है और उनका सर्वोच्च स्कोर 10रन रहा है। औसत के मामले में सचिन तेंदुलकर यहां थोड़े पीछे रहे हैं, लेकिन उनके खाते में 45रन हैं। कुल रनों के मामले में वह इस मैदान के दूसरे सर्वाधिक सफल बल्लेबाज हैं। सचिन ने सात मैचों की 10 पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 51.00 के औसत से रन बटोरे हैं। उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 126 नाबाद रहा है। इसके अलावा विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी इस मैदान पर अपने बल्ले की चमक बिखेरी है। सहवाग ने तीन मैचों की छह पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 85.40 के औसत से 427 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 173 रन रहा है। इस मैदान पर सहवाग के नाम सबसे अधिक दो शतक दर्ज हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मोहाली में हमेशा चमके हैं ‘फैव फाइव’