अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

निर्दोषों की खोपड़ी में गोली मारी थीबढ़हनिया से लौटकर

बढ़हनिया के ग्रामीण अब भी अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं। उनका साफ-साफ कहना है कि गांव के पांच निर्दोष लोगों को खड़ा कर पुलिस ने खोपड़ी में गोली मार दी। आधा दर्जन प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण महिला-पुरुषों का कहना है कि विस्फोट और मुठभेड़ के बाद पुलिस गांव पहुंची और सोमा बोदरा, सुपाय बोदरा, मषी बोदरा, संजय बोदरा और पिताय मुंडू को कुंदों से पीटते हुई ले गयी। कुछ क्षण बाद पांच-छह गोली चलने की आवाज आयी। शनिवार को मानवाधिकार टीम के सामने प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना का खुलासा किया।ड्ढr ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग विस्फोट स्थल पर जाना चाह रहे थे, लेकिन जवानों ने उन्हें जाने नहीं दिया। जंगल के रास्ते बरवाडीह पहुंचे, तो मृतकों का शव देखा। लातेहार पोस्टमार्टम हाउस में भी मार गये लोगों के सिर फटे हुए थे, जिससे स्पष्ट है कि नजदीक से गोली मारी गयी। घटना के10 दिन बाद भी प्रशासन का कोई अफसर गांव नहीं पहुंचा और न क्षेत्र का जनप्रतिनिधि। हालांकि नक्सली बंदी समाप्त होते ही नेता गांव पहुंच कर फोटो खिंचवाने और घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं। उधर, मानवाधिकार राइट लॉ नेटवर्क के डॉ रामदयाल मुंडा, वासवी किड़ो, इत्मानिल भौरा ने बढ़हनिया का दौरा कर पुलिसकर्मियों पर मुकदमा चलाने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पीयूसीएल के शशिभूषण पाठक व अर्थशास्त्री रितिका खेड़ा नेभी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: निर्दोषों की खोपड़ी में गोली मारी थीबढ़हनिया से लौटकर