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हुचाूर, मैं जिंदा हूं

। 75 साल के समीर शेख को डेढ़ साल से वृद्धावस्था पेंशन इसलिये नहीं मिल रहा है कि रानेश्वर अंचल के सरकारी रेकर्ड में उनकी मौत हो चुकी है। दुमका जिले के लकड़ाघाटी गांव का यह वृद्ध रानेश्वर के सीओ को यह समझा पाने में विफल रहा कि वह जिंदा हैं। अन्तत: बुधवार को समीर शेख ने डीसी प्रशांत कुमार से मुलाकात कर बताया हुाूर मै जिंदा हूं। नरगा की जांच टीम ने डरा-धमका कर लिया अंगूठे का निशानमधुपुर। करौं प्रखंड अंतर्गत मुगतोवा और नवाडीह गांव में नरगा योजना जांच के नाम पर अज्ञात जांच टीम द्वारा आधा दर्जन से अधिक संथाल आदिवासी महिला व पुरुष मजदूरों को डरा-धमका कर सादे कागज पर दस्तखत और अंगूठे के निशान लिये जाने संबंधी सूचना आवेदन अनुमंडल दंडाधिकारी मधुपुर के न्यायालय में दाखिल कराया गया है। दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग थाना प्रभारी और बीडीओ से की गयी है। यह आवेदन सरोदी मुमरू, सुखदेव राय, राजेश मुमरू, सोबना और लोथना मुमरू ने दिया है। मजदूरी का भुगतान बासकूपी डाकघर से हुआ है। इधर 14 अक्तूबर की सुबह नरगा जांच टीम गांव पहुंची। उसने ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की। जब ग्रामीणों ने उनका नाम पूछा, तो सदस्यों ने कहा कि जितना पूछते हैं, उसी का जवाब दो। बुधवार को टीम के लोग गांव पहुंचे और डरा-धमका कर ग्रामीणों से अंगूठे का निशान व हस्ताक्षर ले लिया।ड्ढr भ्रष्ट सरकारी कर्मियों की साजिश : डॉ द्रेजड्ढr डॉ ज्यां द्रेज को इस शिकायत की बाबत कोई जानकारी देर शाम तक नहीं थी। हालांकि, बताये जाने पर उन्होंने इसे भ्रष्ट सरकारीकर्मियों की साजिश की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि पलामू में भी वहां के प्रशासन ने यही खेल खेला था। उन्होंने कहा कि इस तरह के हथकंडों से वह अपना अभियान नहीं रोकनेवाले।ड्ढr ज्यां द्रेज को बदनाम करने की साजिश : बलरामड्ढr वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता बलराम ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह भ्रष्ट और अक्षम प्रशासन की साजिश के तहत ज्यां द्रेज को बदनाम करने की नाकाम कोशिश भर है। यह कोई नयी बात नहीं। पलामू में भी ऐसा ही कुछ किया गया था।ड्ढr छवि धूमिल करने का प्रयास : केएन त्रिपाठीड्ढr नरगा स्टेट काउंसिल के सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नरगा के लिए स्टेट को-ऑर्डिनेटर कृष्णानंद त्रिपाठी ने ज्यां द्रेज की टीम के खिलाफ मधुपुर एसडीओ कोर्ट में दायर मुकदमे पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ द्रेज स्वयं काफी नियम-कानून से चलने वाले व्यक्ति हैं। यह मुकदमा वहां के भ्रष्ट नेताओं-अफसरों की साजिश है, जो द्रेज की छवि को धूमिल करके खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।ड्ढr साजिश सफल नहीं होगी : शशिभूषण पाठकड्ढr पीयूसीएल के प्रदेश महासचिव शशिभूषण पाठक ने कहा है कि ज्यां द्रेज और उनकी टीम की छवि धूमिल करनेवाले राज्य के भ्रष्ट अफसरों-नेताओं की यह कोशिश कभी सफल नहीं होनेवाली।

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