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औचक निरीक्षण में डाक्टर चैम्बर में नहीं मिले

पटना जिलाधिकारी के आदेश पर बुधवार को पीएमसीएच और एनएमसीएच का एक साथ कराए गए औचक निरीक्षण में घोर कुव्यवस्था उजागर हुआ। एनएमसीएच में जहां अधीक्षक ही विलम्ब से पहुंचे वहीं पीएमसीएच में ड्यूटी करनेवाले डॉक्टरों की कोई ड्यूटी लिस्ट निरीक्षण करनेवाले अधिकारी को नहीं दी गई। पीएमसीएच और एनएमसीएच के बार-बार होनेवाले निरीक्षण पर कार्रवाई न होने से इस बार भी डॉक्टरों को यह उम्मीद है कि सरकार द्वारा कराया गया निरीक्षण भी ‘आई वाश’ से अधिक साबित नहीं होगा।ड्ढr ड्ढr अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि व्यवस्था उपेन्द्र कुमार ने सुबह 0 बजे पीएमसीएच का निरीक्षण आरम्भ किया। उस समय अस्पताल में मरीजों की भीड़ थी जबकि कई विभाग में डॉक्टर अपने चैम्बर में नहीं थे। निरीक्षण करनेवाले अधिकारी को यह जानकर घोर आश्चर्य हुआ कि अस्पताल के आउटडोर में काम करनेवाले डॉक्टरों का कोई रजिस्टर नहीं था। किस यूनिट में कौन डॉक्टर ड्यूटी पर है उसकी जानकारी बाहरी आदमी को नहीं है। आश्चर्य तो तब हुआ जब अस्पताल प्रशासन से इस आशय की जानकारी भी उपलब्ध नहीं करायी। मनोरोग विभाग के ओपीडी और इमरजेंसी के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के ड्यूटी रूम में कोई डॉक्टर नहीं मिला।ड्ढr ड्ढr निरीक्षण करनेवाले अधिकारी ने वार्ड का निरीक्षण किया तो कहीं भी सरकार के आदेश के मुताबिक रंगीन चादरं नहीं बिछी हुई पायी गयी। अस्पताल में कहीं भी डॉक्टरों की ड्यूटी चार्ट नहीं लगाया गया था जिससे डॉक्टरों की जानकारी मिल सके। अस्पताल का निरीक्षण करनेवाले अधिकारी ने अपने जांच रिपोर्ट में हर बात का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दिया है। उधर एनएमसीएच का निरीक्षण एडीएम राजकिशोर सिन्हा और कार्यपालक पदाधिकारी संदीप शेखर द्वारा 0 बजे सुबह से आरम्भ किया गया। सात घंटे तक किए गए निरीक्षण में पाया गया कि अधीक्षक ही 10.30 बजे अस्पताल पहुंचे। एनएमसीएच में इसको लेकर हडकम्प मच गया और मोबाइल से सभी को सूचना दी जानी लगी।

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