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अब हिंदी के साथ 11 भाषाओं का विकल्प

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। सरकार ने इंटर स्तर पर भाषा संकाय को बेहतर बनाने के ख्याल से बनायी गयी योजना पर अलग ही पेंच लगा दिया है। समिति ने इंटर स्तर पर 100 अंक के भाषा एवं साहित्य पत्र को बेहतर करने का निर्णय लिया था। इसके तहत सभी छात्रों को 50 अंक अंग्रेजी और 50 अंक का हिंदी पत्र पढ़ना जरूरी कर दिया गया था। हालांकि छात्रों को दोनों पत्र मिलाकर पास अंक 30 लाना था। मानव संसाधन विकास विभाग में इस मामले पर शिक्षा मंत्री हरिनारायण सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अब 50 अंकों की हिंदी और 50 अंक में अंग्रेजी, उर्दू, मैथिली, भोजपुरी, पाली समेत 11 भाषाओं को पाठय़क्रम में शामिल करने का निर्देश जारी कर दिया गया।ड्ढr ड्ढr सरकार ने समिति को इसी सत्र से इस पाठय़क्रम को लागू करने का निर्देश बैठक में दिया। विभाग के निर्देश के बाद से समिति की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। समिति के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो सरकार के इस निर्देश से समिति व छात्र दोनों को मुसीबतें उठानी होंगी। अब अन्य 10 भाषाओं का सिलेबस तैयार करने और पुस्तक के प्रकाशन में समिति के पसीने छूटेंगे। समिति प्रशासन का कहना है कि सिलेबस तैयार कराने व पुस्तक छपवाने में कम से कम दो माह का समय लगेगा। समिति प्रशासन ने नौ फरवरी से इंटर की वार्षिक परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष डा. एकेपी यादव कहते हैं कि विभाग के निर्णय का अनुपालन कराना हमारा कार्य है और हम इसे पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगे।

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