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आनंद व क्रैमनिक में बिछी मनोवैज्ञानिक बिसात

दो ड्रॉ- एक बेमजा और दूसरा संघर्षपूर्ण। क्या यह विश्वनाथन आनंद और व्लादिमीर क्रैमनिक के बीच विश्व शतरां चैंपियनशिप मैच की आशा के अनुरूप शुरुआत है। 12 गेम के मैच के पहले दो गेमों के बाद स्कोर 1-1 है। गुरुवार को विश्राम का दिन है। दोनों एक बार फिर शुक्रवार को आमने-सामने होंगे। अभी तक जो हुआ वह उम्मीद से अलग नहीं है, लेकिन आगे बहुत कुछ ऐसा हो सकता है, जिसकी उम्मीद आसानी से नहीं की जा सकती। यह ऐसा तथ्य है जिसकी कल्पना हर शतरां विशेषज्ञ कर रहा है। दोनों ही शातिर शुरुआती दौर में एक दूसर पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें अंत में बाजी किसके हाथ रहेगी यह कयास का विषय हो सकता है। बारह बाजियों के फाइनल में जो खिलाड़ी सबसे पहले 6.5 अंक हासिल करेगा, वह विश्व चैम्पियन बन जाएगा। छह छह से ड्रॉ की स्थिति में टाई ब्रेकर का इस्तेमाल किया जाएगा। चैम्पियनशिप में बीस लाख 40 हजार डालर की पुरस्कार राशि दोनों खिलाड़ियों में बराबर बंटेगी चाहे चैम्पियन कोई भी बने। पहले गेम में क्रैमनिक ने अतिरिक्त सावधानी बरती और सफेद मोहरों से खेलने के बाद भी एडवांटेा के की स्थिति के बाद भी ड्रॉ पर जल्दी से सहमति दे दी। दोनों ही गेम 32-32 चालों के बाद ड्रॉ हुए। इसके बाद आनंद ने जो तरकीब विपक्षी को छकाने में अपनाई उसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली और उन्हें भी ड्रॉ पर सहमत होना पड़ा। पहले दो गेमों में दोनों ही खिलाड़ी एडवांटेा की स्थिति में रहे हैं। जिस तरह से पहले दो गेम हुए हैं उससे शतरां के आलोचक पूरी लय में आ गए हैं।अभी दस गेम बचे हैं और आनंद अपने अभी तक के प्रदर्शन से खुश नजर आ रहे हैं। आनन्द ने क्रैमनिक के खिलाफ दूसरी बाजी में निम्जो इंडियन सैमिश्च वैरिएशन को अपनाया। लेकिन परिणाम पहली बाजी की तरह ड्रॉ रहा। आनंद ने हालांकि कुछ तेज तर्रार चालें चलीं। लेकिन वह क्रैमनिक पर ज्यादा दवाब नहीं बना पाए।

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