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पे-रिवीजन पर चेयरमैन कर रहे राजनीति : एनसीओइए

एनसीओइए ने कोल इंडिया चेयरमैन पार्थ भट्टाचार्य पर वेतन समझौते की अवधि के सवाल पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। संगठन की दरभंगा हाउस में हुई बैठक में इसपर विस्तार से चर्चा हुई। महासचिव मिहिर चौधरी ने कहा कि 27 सितंबर को जेबीसीसीआइ की हुई बैठक में पांच साल की अवधि पर सर्वसम्मति बनी थी। चेयरमैन ने भी मंजूरी के लिए इसे भेजने की बात कही थी। अब सहमति नहीं बनने की बात कह रहे हैं। फूट डालकर वेतन समझौते में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। कामगारों में भ्रम फैला रहे हैं। सदस्यों ने इसकी निंदा की।ड्ढr अध्यक्ष डीडी रामानंदन के अनुसार पांच साल के समझौते के पक्ष में टीम बनाकर एरिया और प्रोजेक्ट स्तर पर जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय हुआ। दस साल का समझौता होने वाली कंपनियों के लाभ-हानि की तुलना कर बताया जायेगा। प्रबंधन की वायदाखिलाफी और मनमानी से भी अवगत कराया जायेगा। सदस्यों ने कोल इंडिया के नवरत्न का दर्जा दिये जाने पर खुशी जतायी। हालांकि आइपीओ लाने एवं स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने का विरोध किया। उनके मुताबिक यह निजीकरण की सीढ़ी है। विदेश की बजाये देश में स्थित कोल ब्लॉक को ही विकसित कर खनन करने की बात कही। बैठक में आरपी सिंह चंदेल, बी सत्यनाराण, रांीत कुमार, श्रीकांत शर्मा, आरपी सिंह, अमित राय, उद्धव सिंह भी मौजूद थे।ड्ढr बाबूलाल ने कोल इंडिया चेयरमैन को दिया पतड्र्ढr द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गुरूवार को कोल इंडिया चेयरमैन को कोलकाता में पत्र दिया। इसमें उन्होंने 23 मई 08 को हुई बातचीत की याद दिलायी है। लिखा है कि उस वक्त चेयरमैन ने कई मांगों पर समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। आरटीआइ में प्रबंधन ने ही बताया है कि यहां किसी भी श्रमिक संगठन को मान्यता नहीं है। ऐसे में उनसे वार्ता नहीं की जानी चाहिये। उनके साथ किया गया समझौता भी असंवैधानिक है। समझौता में कामगारों की भावना का ख्याल रखा जाना चाहिए।ड्ढr प्रदर्शन में चंद्रशेखर और बाबूलाल साथ पहुंचेड्ढr कोल इंडिया माइंस इांीनियरिंग वर्कर्स एसोसिएशन के प्रदर्शन में गुरूवार को चंद्रशेखर दुबे और बाबूलाल मरांडी साथ-साथ पहुंचे। यहां जेसीएमयू के कार्यकता भी काफी संख्या में थे। मरांडी ने कहा कि कामगारों की समस्याओं को वह संसद में उठायेंगे। वेतन समझौते के मुद्दे पर पीएम से बात करंगे। साथ में चंद्रशेखर दुबे को भी ले जायेंगे। उनका प्रयास होगा कि बेहतर समझौता हो।

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