DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पटाखा मंडी में नजर नहीं आते व्यापारी

इसबार पटाखों के मंडियों में व्यापारियों का इंतजार है। खाजेकलां के मंडियों में ग्राहक नजर नहीं आ रहे हैं। मच्छरहट्टा से लेकर पश्चिम दरवाजा तक पटाखों की दुकानें सजनेलगी है। लेकिन कोसी के भयंकर बाढ़ के प्रकोप ने इस व्यवसाय को बुरी तरह से प्रभावित किया है। उत्तर बिहार से आनेवाले मौसमी कारोबारी इसबार दस्तक नहीं दे रहे हैं। इससे मच्छरहट्टा के कारोबारियों को निराशा हाथ लग रही है। इन मंडियों में लाइसेंसी व गैर लाइसेंसी लगभग दो सौ दुकानें हैं।ड्ढr ड्ढr इनमें सिर्फ दो के पास ही लाइसेंस हैं। इसके अलावा सभी मौसमी दुकानदार हैं। दुकानदार मन्नू का कहना है कि पिछले साल दीपावली को लेकर विजया दशमी के बाद से उत्तर बिहार के कारोबारियों की पटाखों के लिए होड़ मची रहती थी। लेकिन इसबार कारोबारी नहीं पहुंच रहे हैं। इन कारोबारियों का आरोप है कि दो माह पहले गुरहट्टा निवासी पप्पू चौधरी ने व्यवसायियों के करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गए। इसके खिलाफ दुकानदारों ने खाजेकलां थाना को सूचना दी है। मसलन इसबार सिटी के पटाखा कारोबारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पिछले साल लगभग दस करोड़ का कारोबार हुआ था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पटाखा मंडी में नजर नहीं आते व्यापारी