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रिकार्ड के बाद भारत बड़े स्कोर की ओर

इस टेस्ट में पूरे देश की निगाहें सिर्फ और सिर्फ एक चीज पर लगी हुई थीं। यह था सचिन तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड। सचिन ने भी दुनिया भर में फैले अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। मोहाली टेस्ट के पहले दिन चायकाल के बाद पहले ही ओवर में सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में लारा के सर्वाधिक रन (11,े रिकॉर्ड को पार कर इस पर अपना नाम दर्ज करा लिया। हां, यह अलग बात है कि सचिन के इस रिकॉर्ड को बनता देखने के लिए मोहाली के इस स्टेडियम में उतने क्रिकेटप्रेमी मौजूद नहीं थे जितनी की उम्मीद लगाई जा रही थी। अनिल कुम्बले के खेलने और न खेलने की गुत्थी सुलझी तो महेन्द्र सिंह धोनी टॉस के लिए उतर। इससे यह तय हो गया था कि कुम्बले अपने 38वें जन्मदिन को मैदान के बाहर ड्रेसिंग रूम में बैठकर ही मनाएंगे। सिक्के की उछाल धोनी के पक्ष में गई तो उन्होंने विकेट को देखते हुए पहले बैटिंग का फैसला किया। तेज धूप खिली होने से विकेट काफी ड्राई हो गया था तो नेचुरल था कि कोई भी कप्तान पहले बैटिंग करना ही पसंद करता। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 5 विकेट पर 311 रन बना लिए थे। सचिन तेंदुलकर ने 88 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान मास्टर ब्लास्टर ने अपनी आर्मरी में जमा कट, पुल और कवर ड्राइव से दर्शकों का मन मोह लिया। सचिन टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले पीटर सिडल का शिकार बने। नई गेंद लेने की दूसरे ही ओवर में ऑस्ट्रेलिया को सफलता मिली। सचिन को दूसरी स्लिप में मैथ्यू हेडन ने पकड़ा। इस दौरान उन्होंने 10 चौके लगाए। सौरभ गांगुली (54 नॉटआउट, 122 गेंद, 4 चौके) के साथ उन्होंने पांचवें विकेट की साझेदारी में 142 रन जोड़ टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारतीय ओपनरों विरन्दर सहवाग और गौतम गंभीर ने जिस तरह से शुरुआत की तो लगने लगा था कि यह विकेट वाकई बैटिंग पैराडाइज है। मैच के पहले दिन का पहला सत्र टीम इंडिया के नाम रहा। सहवाग और गंभीर ने ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की अच्छी क्लास ली। हां विकेट पर असमतल उछाल के चलते कभी-कभी गेंद काफी ऊपर आ रही थी। पीटर सिडल के लिए टेस्ट करियर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले दिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। सहवाग ने उनकी दो गेंदों पर स्क्वेयर लेग पर लगातार दो चौके लगा दिखाया कि वे अच्छे फॉर्म में हैं लेकिन लंच से पहले ही मिचेल जॉनसन के लेग स्टम्प के बाहर काफी ऊपर आती गेंद पर वह चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेती हुई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के दस्तानों में समां गई। भारत का पहला विकेट 70 के स्कोर पर गिरा। दूसरी छोर पर गंभीर अपनी पारी को धीर-धीर आगे बढ़ाने में लगे थे। इस दौरान उन्होंने कई दर्शनीय कवर ड्राइव भी लगाए। लंच तक पहुंचते-पहुंचते गंभीर अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे। इस समय भारत का स्कोर एक विकेट पर 104 रन था। लग रहा था कि भारत बड़े स्कोर की ओर बढ़ता नजर आ रहा है लेकिन लंच के बाद एक के बाद एक लगातार तीन झटकों ने टीम इंडिया पर दबाव बना दिया। पैवेलियन छोर से मोर्चे पर लगाए मिचेल जॉनसन ने निगाह जमा चुके गंभीर (67) को विकेट के पीछे आउट कराया तो वीवीएस लक्ष्मण (12) भी काफी कुछ सहवाग की तरह ही विकेट के पीछे पकड़े गए। इससे पहले ब्रेट ली ने द्रविड़ (3ो अपना शिकार बनाया। उनकी अंदर आती एक गेंद द्रविड़ के बल्ले का इनसाइड एज लेते हुए लेग स्टम्प उड़ा ले गई। पहले विकेट के लिए जहां सहवाग और गंभीर ने 70 रन जोड़े। इस बीच तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में 12000 रन का जादुई आंकड़ा भी छू लिया।

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