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वैट की दर बढ़ने से कर चोरी बढ़ी, राचास्व का भी नुकसान

वैट की दरों में बढ़ोत्तरी के बाद मेवा, किराना, सुपारी और कत्था का कारोबार यूपी में ठप होने को है। 15 दिनों के दौरान इन वस्तुओं की बिक्री पर 0 फीसदी असर पड़ा हैोबकि छोटे शहरों और खुदरा बार में टैक्स चोरी कर लाया गया माल खपना शुरू हो गया है। इससे वाणिय कर महकमे को करोड़ों के राास्व का नुकसान हुआ है।ड्ढr सिर्फ लखनऊ में हर साल न्यूनतम 500 करोड़ रुपए का किराना व्यापार होता है। इसमें मेवा के कारोबार का हिस्सा तकरीबन 150 करोड़ का है। सुपारी और कत्था कारोबार का भी बड़ा हिस्सा है। वैट से पहले इन पर 4 फीसदी टैक्स और एक फीसदी विकास कर लगता था। वैट लगने पर टैक्स की दर 4 फीसदी हो गई। पड़ोसी प्रदेशों में भी टैक्स की यही दर थी,ोिससे दूसर प्रदेशों से कर चोरी कर वस्तुएंँ लायीोानी बंद हो गईं। पिछले महीने राय सरकार ने किराना पर वैट की दरों में क्षाफा कर दिया। अब टैक्स की दर 12.5 फीसदी हो गईोबकि पड़ोसी रायों में पुरानी दर ही है। इससे चोरी का माल फिर बढ़ गया है और सूबे का कारोबार ठप हो गया। किराना व्यापारियों की एसोसिएशन के महामंत्री सुरश कुमार अग्रवाल कहते हैं कि किराना व्यापार में 0 फीसदी तक गिरावट आई है। छोटेोिलों के व्यापारियों ने पड़ोसी रायों से किराना मँगाना शुरू कर दिया है। कोई भी एक व्यक्ित अगर दो बैगों में भरकर कााू, किसमिस, पिस्ता ले आता है तो कम से कम उसका किराया निकल ही आता है और कुछ बचत भी होोाती है। 20 से 50 किलो तक मेवा बैग में लाने वालों को पकड़ना भी मुश्किल है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के मंत्री अमरनाथ मिश्र भी कहते हैं कि किराना कारोबार में 0 फीसदी तक गिरावट आई है। सिर्फ 15 दिनों के अन्दर ही लखनऊ किराना व्यापार की मंदी से सरकार को 25 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अधिकारी भी मानते हैं किोिन वस्तुओं पर वैट की दरं बढ़ाई गई हैं, उनका कारोबार प्रभावित हुआ है।

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  • Web Title: वैट की दर बढ़ने से कर चोरी बढ़ी, राचास्व का भी नुकसान