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आरक्षण नियमों की सरकार को ठीक से जानकारी नहीं

राशन दुकानदारों के चयन में आरक्षण नियमों के पालन की सरकार को ठीक-ठीक जानकारी नहीं है। विधान परिषद ने पूछताछ की तो यह राज खुल गया। अब जाकर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जिलों से राशन दुकानदारों को लाइसेंस देने में आरक्षण प्रावधानों के पालन और संबंधित कोटे में मौजूदा दुकानों की रिपोर्ट तलब की है। इससे नये लोगों को सरकारी राशन दुकान का लाइसेंस देने में भी मदद मिलेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) कानून 2001 के तहत नयी दुकानों का लाइसेंस देने में ओबीसी को 18, अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति की महिलाओं को 3 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को 1 प्रतिशत आरक्षण मिलना है। गत दिनों दुकानों के चयन को लेकर परिषद की आरक्षण कार्यान्वयन समिति ने सरकार से जवाब मांगा।ड्ढr ब्योरे के आधार पर जिलों में बड़ी संख्या में नये लोगों को राशन दुकानों के माध्यम से रोजगार मिल सकेगा। दरअसल वर्ष 2001 की आबादी के अनुरूप 45647 की बजाए 44317 दुकानें हीड्ढr उपलब्ध हैं। आबादी के लिहाज से 14 जिलों में 2040 दुकानें अधिक हैं जबकि दरभंगा, अररिया, बेगूसराय, बक्सर, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण में 3888 दुकानें कम हैं।ड्ढr पीड़ितों को अनाज का संकटड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। भारतीय खाद्य निगम के गोदाम खाली रहने से बाढ़पीड़ितों को अनाज संकट से जूझना पड़ रहा है। अररिया, फारबिसगंज और कटिहार के गोदामों में चावल नहीं है। समस्या गंभीर होती देख राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के प्रबंध निदेशक डॉ. राणा अवधेश कुमार ने एफसीआई को आपूर्ति सामान्य बनाने को कहा है। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक ने जिला प्रबंधकों को बाढ़पीड़ितों के लिए केन्द्र से मिले पूर अनाज का शीघ्र उठाव करने का निर्देश दिया। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। डॉ. कुमार ने अनाज की समस्या वाले जिलों में एफसीआई के अधिकारियों से तालमेल रखते हुए आपूर्ति और वितरण कराने का निर्देश दिया। बाढ़पीड़ितों के बीच प्रति परिवार 50-50 क्िवंटल गेहूं और चावल बांटा जा रहा है। एसएफसी ने अबतक 1.17 लाख टन का उठाव कर लिया है। बैठक में राशन दुकानदारों के दरवाजे तक अनाज पहुंचाने वाली ‘डेलिवरी एट डोर स्टेप’ योजना और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 87 नये गोदाम बनाने संबंधी कार्ययोजना की भी समीक्षा हुई। राशन दुकानदारों से अनाज की कीमत का बैंक ड्राफ्ट समय पर जमा कराने की जिम्मेदारी भी जिला प्रबंधकों पर डाल दी गयी है।

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