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संशोधित आतंकी कानून संसद के इसी सत्र में

देश के कुछ हिस्सों में हाल में बढ़ती आतंकवादी घटनाआें तथा ऐसी घटनाआें के नए इलाकों में फैलने से चिंतित केंद्र सरकार ने आतंकी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निबटने के लिए संसद के वर्तमान सत्र में संशोधित विधेयक पेश करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि सरकार आतंकी गतिविधियों से निबटने के लिए नया कानून बनाए जाने की संभावनाआें को पहले ही खारिज कर चुकी है। प्रेक्षक अब इस कानून में संशोधन को आतंकी गतिविधियों से अधिक प्रभावी ढंग से निबटने के लिए एक अहम कदम मान रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आतंकी गतिविधियों की देश की भीतरी इलाकों में भी सेंध लगाने से चिंतित केंद्र सरकार ने गुप्तचर प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ आतंकवादी विरोधी कानून में भी संशोधन करने का फैसला किया है। अवैध गतिविधि उन्मूलन अधिनियम 1में संशोधन करके आतंकवाद की व्याख्या स्पष्ट करने का भी प्रावधान है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि संशोधन विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद से निबटने के लिए कोई काला कानून नहीं बने। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी तथा प्रशासनिक सुधारों पर वीरप्पा मोइली समिति की रिपोर्ट में भी आतंकवादी गतिविधियों से निबटने के लिए नया कानून बनाए जाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने वर्तमान कानून में ही संशोधन किए जाने का मन बनाया है तथा नया कानून बनाने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। ड्ढr सूत्रों के अनुसार हाल के आतंकी बम विस्फोटों के बाद गुप्तचर प्रणाली को मजबूत करने के लिए संस्थागत प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत गुप्तचर ब्यूरो में नए पदों का सृजन किया गया है, साथ ही राय सरकारों के साथ सूचनाआें के आदान-प्रदान को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में ब्यूरो में बहु एजेंसी केंद्र, सहयोगी बहु एजेंसी केंद्र, संयुक्त कार्यबल तथा अंतर्रायीय गुप्तचर समर्थन टीमों का भी गठन किया गया है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार आतंकी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निबटने की मंशा के तहत ही जहां बजरंग दल पर पाबंदी लगाए जाने के बारे में विवाद जारी है वहीं सरकार सिमी सहित 32 आतंकी संगठनों पर पाबंदी लगा चुकी है, ताकि आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। सूत्रों ने इस बात पर चिंता जताई है कि आतंकवादी स्थानीय आबादी को प्रशिक्षण दे रहे हैं तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उसके लिए वे उन्हें लगातार धन उपलब्ध करा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस काम के लिए तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए नकली विदेशी मुद्रा का सहारा लिया जा रहा है। सरकार इस बात से भी निपट रही है कि नकली भारतीय विदेशी मुद्रा विदेशों में छापी जा रही है। विशेष तौर पर पाकिस्तान में इन्हें छापा जाता है तथा इन्हें बांग्लाादेश, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैण्ड तथा संयुक्त अरब अमीरात के जरिए भारत में तस्करी से भेजा जाता है।

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  • Web Title: संशोधित आतंकी कानून संसद के इसी सत्र में