DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

36 दिन बाद भी जहां के तहां

सीएम शिबू सोरन के अनुमोदन के बाद भी सचिवालय सेवा के गठन संबंधी नियमावली नहीं बनने से सहायकों का आक्रोश बढ़ने लगा है। यह शिकायत लेकर सचिवालय सेवा संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही सीएम से मिलेगा। इससे पूर्व सीएम के प्रधान सचिव एवं ओएसडी को इससे अवगत कराया जायेगा। सचिवालय सहायकों के हड़ताल से लौटने के दिन सीएम ने सचिवालय सेवा के गठन के लिए नियमावली तैयार करने का आदेश दिया था। उन्होंने सहायकों को यह भी आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर 45 दिनों के भीतर निर्णय ले लिया जायेगा। यह अवधि समाप्त होने को है। 36 दिन बीत चुके हैं। अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे सहायकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।सचिवालय सेवा संघ की कार्यकारिणी की रविवार को हुई बैठक में आगे की रणनीति बनायी गई। ऊपर ही ऊपर पद संरचना समिति के गठन संबंधी फाइल खोलने का विरोध किया गया। हड़ताल के दौरान अधिकारियों ने दलील दी थी कि सहायकों के हड़ताल से लौटने के बाद ही कोई फाइल आगे बढ़ेगी। लेकिन आज ऊपर ही ऊपर फाइल खोलकर उनकी मांगों को उलझाने का काम किया जा रहा है। संघ ने छठे वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार जनवरी 2000 से आर्थिक लाभ लेने के लिए अन्य कर्मचारी संगठनों से समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया है। बैठक में महासचिव डीएन चौधरी, ब्रजेंद्र हेम्ब्रम, पदमानंद कुमार, ब्रह्मदेव मोदी, बाबूजी सोरन, राजीव रांन तिवारी, संजय कुमार, अश्विनी कुमार लाल दास आदि उपस्थित थे। इसकी अध्यक्षता ध्रुव प्रसाद ने की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: 36 दिन बाद भी जहां के तहां