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सरकार से बढ़ रही घटकों की नाराजगी

बात चाहे उड़ीसा, कर्नाटक एवं देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहे हमलों की हो, बटला हाउस में आतंकवादियों के साथ पुलिस की कथित मुठभेड़ की या फिर मुंबई और महाराष्ट्र के कुछ अन्य हिस्सों में उत्तर भारतीयों पर राज ठाकर के उत्पाती समर्थकों के लगातार हमलों की, यूपीए के सहयोगी दलों में अपनी ही सरकार और सहयोगी कांग्रेस के प्रति नाराजी बढ़ रही है। राष्ट्रीय जनता दल, लोक जनशक्ित पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेता इन मसलों पर सरकार और कांग्रेस की भूमिका पर खुलेआम प्रहार करने लगे हैं। मुंबई के पास थाणे और कल्याण में रलवे बोर्ड की परीक्षा देने गए उत्तर भारतीयों के साथ ठाकर समर्थकों की मारपीट के विरोध में सोमवार को लोकसभा में हुए हंगामे में यूपीए के घटकों एवं समर्थक दलों ने भी विपक्ष के सुर में सुर मिलाया। राजद के अध्यक्ष, रल मंत्री लालू प्रसाद यादव एवं लोजपा के अध्यक्ष, इस्पात, उर्वरक एवं रासायनिक मंत्री राम विलास पासवान भी इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। श्री पासवान ने इस मसले को मंत्रिमंडल की बैठक में भी उठाने की चेतावनी दी है जबकि लोजपा के सांसद राम चंद्र पासवान, राजद के अनिरुद्ध यादव और विजयकृष्ण ने हिन्दुस्तान से बातचीत में इन हमलों का मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का त्यागपत्र भी मांग लिया है। सहयोगी दल कांग्रेस आलाकमान पर राज ठाकर और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करने का दबाव भी बना रहे हैं। यूपीए के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और राज ठाकर के समर्थकों की ‘गुंडागर्दी’ के बार में सरकार सख्त नहीं हुई तो आगामी चुनावों में कांग्रेस के साथ यूपीए में इसके गैर कांग्रेसी सहयोगी दलों की दूरी बढ़ सकती है। सहयोगी दलों को इस बात पर भी खुन्नस है कि उनके बार बार मांग करने पर भी न तो संघ परिवार के बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जसे अल्पसंख्यकों पर हमलों के लिए जिम्मेदार संगठनों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और ना ही दिल्ली के बटला हाउस में हुई कथित मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराई जा रही है। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि चुनावों में अल्पसंख्यकों के साथ ही उत्तर भारतीयों की नाराजी अथवा बेरुखी को खामियाजा कांग्रेस के साथ उन्हें भी भुगतना पड़ सकता है। इन दलों के नेता इस बात से भी नाराज हैं कि इन मामलों में एक राजनीतिक दल के बतौर कांग्रेस की भूमिका महा बयान जारी करने भर की रह गई है। इस बीच कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने मुम्बई में रेलवे भर्ती परीक्षा देने गए उत्तर भारतीयों पर राज ठाकरे की नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार को दोषियों को सजा दिलाने के लिए तुरंत कार्रवाई करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसे हमले न होने पाएं। यह पूछे जाने पर कि इस तरह के हमले पिछले एक साल से जारी हैं, कांग्रेस उन पर गंभीर चिंता भी जाहिर करती रही है लेकिन उनकी राज्य सरकार ने अभी तक राज ठाकर और उनके समर्थकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, श्रीमती नटराजन ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस का रुख स्पष्ट कर दिया है। इससे अधिक उन्हें कुछ भी नहीं कहना है। बटला हाउस ‘मुठभेड़’ के बार में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आधिकारिक तौर पर न्यायिक जांच की मांग नहीं कर रही। हालांकि इस मुठभेड़ को लेकर उठ रही आशंकाओं का समाधान होना चाहिए।

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  • Web Title: सरकार से बढ़ रही घटकों की नाराजगी