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उफान पर था दर्शकों का जोश

मोहाली टेस्ट के शुरुआती तीन दिनों में भले ही ग्रेटर चंडीगढ़ के दर्शकों में मैच को लेकर उत्साह कम था, लेकिन मैच के चौथे दिन सोमवार को क्रिकेट प्रेमियों का जोश देखते ही बन रहा था। हर शॉट पर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ-साथ पीसीए स्टेडियम तिरंगामय था। भारतीय खिलाड़ियों के बल्ले से निकलने वाले हर रन पर शंखनाद से स्टेडियम गुंजायमान हो रहा था। दरअसल श्री गुरु ग्रंथ साहिब के त्रिशताब्दी गुरुता गद्दी दिवस पर सोमवार को छुट्टी थी जबकि तीसर दिन भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा की जादुई गेंदबाजी की बदौलत मैच रोमांचक दौर में पहुंच चुकी थी। ऐसे में मैच के रोमांच का लुत्फ उठाने की हसरत लिए क्रिकेट के दीवाने सुबह से ही स्टेडियम की ओर कूच करने लगे थे। पहले भारतीय सलामी जोड़ी वीरंद्र सहवाग और गौतम गंभीर के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी विस्फोटक पारियों से प्रशंसकों का जमकर मनोरांन किया। गौतम गंभीर ने अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़ा। हालांकि सहवाग सैकड़ा लगाने के जरूर चूक गए लेकिन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनकी पारी को सलाम किया। फ्लैग वार में हारा आस्ट्रेलियाड्ढr चौथे दिन के खेल के दौरान मैच का पलड़ा जसे-ौसे भारत के पक्ष में झुका दर्शकों का उत्साह भी उसी अनुपात में बढ़ता गया। ऐसे में स्टेडियम के वीआईपी ब्लाक में जब एक ऑस्ट्रेलियाई दर्शक ने एकदम आगे की कतार में पहुंच कर अपने देश का झंडा लहराना शुरू किया तो कई भारतीय दर्शक भी वहां तिरंगा लेकर पहुंच गए। शुरू में आस्ट्रेलियाई दर्शक ने झंडा लहराने में भारतीयों से होड़ लेने की कोशिश की लेकिन चारों ओर से लहराते तिरंगे की आड़ में उसका ध्वज छुप सा गया। इसे देखकर उसने तुरंत अपना झंडा एक भारतीय दर्शक को पकड़ा दिया और खुद को लोगों की फोटो खींचने में मशगूल कर लिया। लंच के लगभग एक घंटे बाद जब भारत ने पारी समाप्ति की घोषणा की तो उस समय क्रीा पर सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी बैटिंग कर रहे थे। पारी घोषित होने पर जब दोनों पवेलियन लौटने लगे तो कई दर्शकों को कुछ समझ में नहीं आया। लोग सचिन को बैटिंग करने देखना चाह रहे थे। ऐसे में दो दर्शकों ने अपने पास के एक दर्शक से यह पूछा कि भईया, सचिन का रिकार्ड बन गया तो वह उन्हें आश्चर्य से देखने लगा। बोला, सचिन का कौन सा रिकार्ड? इस पर दोनों बोले, ‘लारा वाला..?’ इतना सुनते ही दर्शक ने उन दोनों से पूछा कि भाई कौन सी दुनिया में रहते हो? रिकार्ड तो मैच के पहले ही दिन तेंदुलकर ने तोड़ दिया। इशांत की वो दो गेंदेंड्ढr यह ऑस्ट्रेलिया पारी का 11वां ओवर था। गेंद दिल्ली के लम्बू इशांत शर्मा के हाथ में थी। सामने थे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग। पॉन्टिंग और इशांत के बीच कशमकश ऑस्ट्रेलियाई दौर से दिखाई दे रही है। यह इशांत के इस ओवर की दूसरी गेंद थी। शॉर्ट ऑफ लेंग्थ गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर टप्पा खाने के बाद बुलट की तरह अंदर आई। पॉन्टिंग कुछ समझ ही नहीं पाए। जब तक कुछ समझते तब से विकेट गिरने की आवाज उनके कानों तक पहुंच गई थी। वे आश्चर्यचकित हो उसे डिफेंसिव अंदाज में खड़े रहे जिसमें उन्होंने गेंद को खेलने की कोशिश की थी। लेकिन गेंद उनके बल्ले और पैड के बीच से स्टम्प उखाड़ती की हुई गोली की तरह निकल गई। इशांत की इसी तरह की एक गेंद वाटसन की वाट लगा गई। यह पारी के 17वें ओवर की तीसरी गेंद थी। वैसे ही शॉर्ट ऑफ लेंग्थ पर ऑफ स्टम्प के बाहर टप्पा खाने के बाद गोली की तरह अंदर आई और जाकर सीधे वाटसन के पैड पर लगी। क्रिकेट में शॉर्ट ऑफ लेंग्थ गेंद को विकेट की ऊंचाई पर और वह भी बुलट की तरह अंदर आते कम ही देखा जाता है। इशांत की इन दो गेंदों ने क्रिकेट पंडितों को भी सोचने को मजबूर कर दिया होगा। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई स्पीडस्टर ब्रेट ली को इस विकेट पर कोई सफलता नहीं मिल रही है। पॉन्टिंग पांच टेस्ट मैचों में पांचवीं बार इशांत का शिकार बने हैं।

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