DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंदिरा आवास :गरीब को बना देते ‘अमीर’

सरकार का दावा चाहे जो भी हो लेकिन पूर राज्य में इंदिरा आवास योजना में लूट मची है। मुखिया से लेकर सरकारी मुलाजिम तक चढ़ावे के बगैर मकान नहीं देते। अगर गरीब आवाज ऊंची कर तो ‘उसे अमीर बना देने’ मतलब बीपीएल सूची से हटाकर उसका नाम गरीबी रखा से ऊपर वालों की सूची (एपीएल) में डाल देने की धमकी दी जाती है। मुख्यमंत्री आवास में 18 अगस्त के बाद पहली बार लगे जनता दरबार में सैकड़ों लोगों ने इंदिरा आवास योजना के ‘सच’ के साथ अपना-अपना ‘दर्द’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने पेश किया।ड्ढr ड्ढr दूसरी ओर ग्रामीण प्रसार कार्यकर्ता व जनसेवक के पद पर बहाली को लेकर बड़ी संख्या में कृषि स्नातकों ने जनता दरबार में जमकर हंगामा किया। वारिसनगर के महेश राय ने कहा कि मुखिया मनमाने तरीके से इंदिरा आवास बांटता है। शिकायत करने पर बीपीएल सूची से ही नाम हटवाने की धमकी दी जाती है। यही नहीं सरकारी अधिकारी भी ‘ले-देकर’ मामला सलटाने की सलाह देते हैं। घोसवरी के प्रमोद कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि कमीशन लेने के चक्कर में मुखियाने अबतक किसी को मकान नहीं दिया है। घोसवरी के समियागढ़ की रामकली देवी और लालपरी देवी समेत दो दर्जन लोगों ने शिकायत की कि मुखिया मकान देने के लिए 6-6 हजार रुपये कमीशन मांगता है। कुछ लोगों को 15 हजार रुपये मिले तो मुखिया के दलालों ने बैंक खाते से जबरन राशि निकलवा ली। बार-बार शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होती। जमुई के लक्ष्मीपुर की अंजनी देवी से मुखिया ने इंदिरा आवास के दस हजार रुपये छीन लिये। विक्रम से आए विकलांग मो. अशरफ ने शिकायत की कि उसका नाम बीपीएल सूची में रहने पर भी न तो विकलांगता पेंशन मिलती है और न ही कोई अन्य लाभ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: इंदिरा आवास :गरीब को बना देते ‘अमीर’