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प्रभाकरण को सौंपने पर श्रीलंका राजी

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्ष ने कहा कि लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण को भारत को सौंपेंगे। सोमवार को श्रीलंका सरकार ने ऐलान किया कि लिट्टे के खिलाफ अभियान अपने अंजाम पर पहुंच गया है और युक्षेत्र में वह हवाई हमले और भारी हथियारों का इस्तेमाल बंद कर देगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम़ करुणानिधि सुबह अचानक तमिलों के मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि श्रीलंका की सरकार युक्षेत्र में संघर्षविराम घोषित करे। अनशन के करीब साढ़े छह घंटे बीत जान के बाद श्रीलंका की सरकार की ओर से यु समाप्त होने के बयान आने के बाद करुणानिधि ने अनशन समाप्त कर दिया। दूसरी ओर लिट्टे ने सरकार के बयान को एक छलावा बताया है। लिट्टे के एक नेता के अनुसार बयान आने के बाद भी श्रीलंका सेना के हमले जारी थे। गृहमंत्री पी.चिदम्बरम न कहा कि श्रीलंका सरकार के बयान का आशय यह है कि यु समाप्त हो गया है जिसके लिए भारत कहता रहा है। श्रीलंका का यह कदम स्वागतयोग्य है।ड्ढr ड्ढr तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के उपवास को राजनीतिक स्टंट बताते हुए भाजपा के प्रवक्ता बलवीर पुंज ने कहा कि ऐसी नौटंकी की बजाय संकट के समाधान के ठोस कार्य किए जान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और द्रमुक ऐसा करन की बजाय राजनीतिक स्टंट और नौटंकी में लगे हैं। वहीं अनशन पर बैठे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम़ करुणानिधि को कांग्रेस ने आश्वासन दिया कि संप्रग सरकार श्रीलंका के संकट पर अधिकतम ध्यान दे रही है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी न कहा कि कांग्रेस तमिल समाज के प्रत्येक वर्ग को यह भरोसा देना चाहती है कि तमिल नागरिकों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करन के लिए सरकार ने श्रीलंका को अपनी अधिकतम चिंता से अवगत कराया है और अपने दूतों को श्रीलंका सरकार के पास भेजा भी है।ड्ढr ड्ढr राष्ट्रपति महिंदा राजपक्ष के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि श्रीलंका की सरकार ने फैसला किया है कि लिट्टे के खिलाफ सुरक्षा बल भारी गोलीबारी, लड़ाकू विमान का इस्तेमाल और हवाई गोलीबारी नहीं करंगे जिससे नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचे। रोचक बात यह है कि श्रीलंका सरकार की इस घोषणा को कोलंबो में अभी सार्वजनिक भी नहीं किया गया था और इधर चेन्नई में अनशन पर बैठे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम़ करुणानिधि ने अपना अनशन समाप्त करते हुए यह बयान पढ़ा और इसमें भारतीय गृह मंत्री पी़ चिदम्बरम का हवाला दिया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या श्रीलंकाई सैनिक लिट्टे के खिलाफ अपना अभियान रोक देंगे जो मुल्लइतिवु में पांच किलोमीटर के दायरे में सिकुड़ कर रह गए हैं। सैन्य वक्ता ब्रिगेडियर उदय नानयारा न कहा कि फंसे हुए नागरिकों को बचान के लिए अभियान जारी है और लिट्टे के प्रतिरोध की दशा में सैनिक हालात से निपटेंगे। दूसरी ओर लिट्टे ने श्रीलंका की घोषणा को तमिल लोगों सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ छल करन का एक प्रयास बताया है। लिट्टे के वरिष्ठ नेता एस़ पुलीदेवन ने दावा किया कि दोपहर 12़ 50 बजे और 1़10 बजे श्रीलंका के जेट विमानों ने मुल्लीवायल पर हमले किए। लिट्टे का दावा है कि उनके कब्जे वाले आखिरी इलाके में 160000 नागरिक फंसे हुए हैं।

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