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।झारखंड-बिहार की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए मास्टर प्लान

उत्तर कोयल, बटाने जलाशय और बटेश्वरस्थान पंप नहर योजना के लिए सहमतिड्ढr दिल्ली में सचिव स्तरीय बैठक में कार्यवाही शुरू करने का निर्णझारखंड-बिहार की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए मास्टर प्लॉन बना है। नयी दिल्ली में सचिव स्तरीय बैठक के बाद इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विभाग ने कार्यवाही शुरू कर दी है। बटाने और बटेश्वरस्थान पंप नहर योजना को लेकर बिहार के सिंचाई मंत्री का शीघ्र ही झारखंड दौरा होगा। वे राज्य के सिंचाई मंत्री कमलेश कुमार सिंह के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करंगे। दोनों राज्यों के बीच तीन महत्पूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए सहमति बनी है। इसमें उत्तर कोयल परियोजना, बटाने जलाशय योजना और बटेश्वरस्थान पंप नहर योजना शामिल है। दोनों राज्यों ने उत्तर कोयल जलाशय योजना के लिए प्रस्तावित 4710 हेक्टेयर वन भूमि के लिए गैर वन भूमि क्षेत्र को चिह्नित करने और इसके लिए वन और पार्यावरण विभाग से क्लीयरंस प्राप्त करने की दिशा में कार्रवाई पर जोर दिया। डैम के गेट का निर्माण शुरू करने के लिए वन और पर्यावरण विभाग से अनुमति ली जायेगी।ड्ढr बताया जायेगा कि निर्माण पूरा हो जाने के बाद विभाग की अनुमति से ही गेट खोला जायेगा। मोहम्मदगंज बराज के गेट संचालन के लिए संयुक्त मॉनिटरिंग कमेटी नियमावली बनायी जायेगी। इसका संचालन संयुक्त समिति की देखरख में झारखंड द्वारा किया जायेगा। झारखंड भू-भाग में स्थित परियोजना के कई कार्यालय फिलहाल बिहार में हैं। इनमें पदस्थापित तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के बंटवारे के लिए गृह और विधि विभाग से परामर्श लिया जा रहा है। बटाने जलाशय डैम का गेट खुलवाने के लिए जिला प्रशासन और लोगों से सहयोग लिया जायेगा। बटेश्वर स्थान पंप नहर योजना के लिए बिहार ने आग्रह किया है कि झारखंड प्रक्षेत्र में पड़नेवाली नहर के कार्य को 2008 तक पूरा कर लिया जाये, ताकि बिहार इसमें अपना अंशदान दे सके। बिहार को नहर के निचले हिस्से में काम करना है।

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