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श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के 300वें साल के उपलक्ष्य में निकली प्रभातफेरी

श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के 300वें साल के उपलक्ष्य में गुरुता गद्दी दिवस श्रद्धा, उमंग और उल्लास के साथ मनाया गया। मौके पर प्रभातफेरी निकाली गयी। गुरनानक स्कूल में गुरुवाणी की अमृतवाणी गूंजी। यहां लंगर का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह दस बजे से दिन के दो बजे तक चला। गुरुनानक स्कूल में सिख समाज का विशेष कीर्तन दरबार सजा। कीर्तन दरबार में काफी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। काफी संख्या में महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे।ड्ढr अखंड पाठ के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। हजूरी रागी जत्था भाई उदय सिंह ने कीर्तन गायन किया। गुरु जसा नाहीं कोई देव जिस मस्तक वाणी निरंकार। हाूरी रागी जत्था भाई सतीश सिंह ने वाह-वाह वाणी निरंकार है का पाठ किया। प्रसिद्ध रागी जत्था भाई निरमल सिंह खालसा ने तुम करो दया मेर साईं, ऐसी मत दीज मेर ठाकुर सदा-सदा एवं आज्ञा भई अकाल की.. गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चंढ़ीगढ़ से आये ज्ञानी पक्ितरपाल सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब के बार में विस्तार से बताया।ड्ढr मौके पर जिन्होंने अपने घरों में सहा पाठ किया, उन्हें गुरुद्वारा कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया। गुरुनानक स्कूल में धर्म प्रचार कमेटी के संयोजक प्रो हरमिंदर बीर सिंह ने प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। विजेताओं को मंगत सिंह चावला, हरवंश सिंह देओल, निर्मल सिंह खालसा, परमजीत सिंह टिंकू ने पुरस्कृत किया। संचालन परमजीत सिंह ने किया। मौके पर प्रो आत्मजीत सिंह,ाीत सिंह अकाली, इंदर सिंह होड़ा, गुरुचरण सिंह, कृपाल सिंह, गुराीत छतवाल, दलजीत सिंह, त्रिलोचन और इंद्रपाल चावला उपस्थित थे।

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