अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हरे वृक्षों की अवैध कटाई से बढ़ रहा पर्यावरण का खतरा

पटना सोन कैनाल व उससे जुड़े विभिन्न रजवाहों के तटों व सड़कों के किनार स्थित हर वृक्षों की कटाई करनेवालों से संबंधित विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों की मिलीभगत के कारण थाने में मामले का एफआईआर तक नहीं होता। पटना सोन कैनाल स्थित असपुरा लख के आसपास प्रतिवर्ष लाखो रुपए मूल्य की शीशम की लकड़ी की अवैध कटाी की जाती है। एक जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि यहां पटना सोन कैनाल क्षेत्र में एक ऐसा दबंग लकड़ी माफिया गिरोह सक्रिय है, जो लकड़हाड़ों से खुलेआम लकड़ी कटवाता है।ड्ढr ड्ढr आतंकित नहर विभाग के पदाधिकारी उसके खिलाफ जुबान खोलने में भय खाते हैं। अब तक इस गिरोह के लोगों ने सैकड़ों वृक्षों की अवैध कटाई की है। दूसरी ओर रवा, मनेर, आदमपुर, आदि रजवाहो के तटों पर हर वृक्षों की कटाई लगातार जारी है। पिछले दिनों अख्तियारपुर गांव के पास नहर पर अवैध लकड़ी काटने वाले चोरों को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था। बाद में कटी हुई दो वृक्षों की लकड़ियों को पुलिस द्वारा थाने में लाई गई। एन.एच. े किनार गोरखरी मोड़ से लेकर नौबतपुर तक वृक्षों की अवैध कटाई हो रही है। इन सार मामले में स्थानीय प्रशासन भी मौन रहता है।ड्ढr ड्ढr पुलिस सूत्रों का कहना है कि लकड़ी कटाई के मामले में संबंधित विभाग के पदाधिकारी थाने को सूचना नहीं देते। गत दिनों पटना सोन कैनाल के किनार उदरचक गांव के समीप भी वृक्षों की अवैध कटाई का मामला प्रकाश में आया था। क्षेत्र में बड़ी संख्या में हो रही वृक्षों की अवैध कटाई से पर्यावरण का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है। सरकारी वृक्षों की अवैध कटाई के खतर से चिंतित प्रबुद्ध नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से इस दिशा में कारगर कारवाई किए जाने की अपील की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हरे वृक्षों की अवैध कटाई से बढ़ रहा पर्यावरण का खतरा