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तटबंध के अंदर बसे पीड़ितोंका प्रदर्शन

ोसी मुक्ित संघर्ष समिति के बैनर तले कोसी तटबंध के भीतर बसने वाले कोसी पीड़ितों ने हाारों की संख्या में सोमवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष उग्र एवं रोषपूर्ण प्रदर्शन किया तथा कुसहा बांध बांधने के लिए सरकार के अड़ियल रवैये के विरोध में जमकर नारबाजी की। प्रदर्शन में कोसी पीड़ित महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल थी। कलेक्ट्रेट गेट पर राजेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शनकारियों की सभा को संबोधित करते हुए प्रो. विमल कुमार यादव ने कहा कि विशेषज्ञों की राय के अनुसार नदी को उन्मुक्त बहने देना चाहिए लेकिन सरकार कुसहा के पास पुन: बांध को बांधने पर अमादा है। जो फिर प्रलय लायेगा।ड्ढr ड्ढr राजद के पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने कहा कि अब नदी को तटबंध के अंदर कैद करके नहीं रखा जा सकता। जसा कि इस बार कोसी नदी ने कर दिखाया है। महा 1 लाख 67 हाार क्यूसेक डिस्चार्ज पर कुसहा के पास बांध टूट गया। प्रो. विधानंद मिश्र ने कहा कि कोसी बराज और कोसी तटबंध की आयु पूरी हो चुकी है। कोसी की गाद और बालू से तटबंध के भीतर नदी का तल 15 से 20 फीट ऊंचा हो गया है। जब तक इसका हल नहीं ढूंढा जाएगा। तब तक इस प्रकार के हादसे होते रहेंगे। देव कुमार सिंह ने कहा कि कोसी नदी ने अपनी पुरानी राह पकड़ ली है।

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