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अंदर राज तो बाहर गुंडाराज

मुंबई में बिहार व उत्तर प्रदेश के परीक्षार्थियों की पिटाई को लेकर राज ठाकरे की गिरफ्तारी के विरोध में मनसे कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुंबई समेत पूर महाराष्ट्र में जमकर बवाल किया।ड्ढr राज ठाकर को सोमवार की देर रात महाराष्ट्र पुलिस ने रत्नागिरी में एक सरकारी अतिथिगृह से गिरफ्तार कर लिया। मुंबई, नासिक, बुलढ़ाना, कोलहापुर, सोलापुर समेत राज्य के अन्य हिस्सों में भी मनसे कार्यकर्ताओं ने दुकानों व वाहनों पर हमले किये। पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया गया और पुलिस पर पथराव किये गये।ड्ढr ड्ढr इस दौरान करीब 100 मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। रत्नागिरी से राज को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांद्रा कुर्ला पुलिस स्टेशन लाया गया। यहां सारी औपचारिकतायें पूरी कर लिए जान के बाद मुंबई के खेरवाड़ी इलाके में परीक्षार्थियों की पिटाई के मामले में राज को बांद्रा कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इस मामले में उन्हें 15 हाार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। हालांकि डोंबिवली (थाणे) में दर्ज उनके खिलाफ इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में कोर्ट ने राज को कल्याण पुलिस की कस्टडी में भेजा दिया। बुधवार को राज को कल्याण कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। राज ठाकर रातभर मनपाड़ा थाने की हाजत में गुजारंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार अरस्ट वारंट की तामील के लिए राज को जमशेदपुर पुलिस को भी सौंपा जा सकता है। राज ठाकरे के समर्थकों ने कोर्ट परिसर के आगे भारी हंगामा किया। मामले को बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जैसे ही राज ठाकरे को बांद्रा कोर्ट में पेशी की खबर आई, वैसे ही उनके समर्थक कोर्ट के आगे इकट्ठा होने लगे और नारेबाजी करने लगे।ड्ढr ड्ढr उसके बाद वे पत्थरबाजी करने लगे और कोर्ट परिसर में भी घुस गए। पुलिस वाहनों के साथ-साथ अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। एहतियाती कदम उठाते हुए पुलिस ने थाणे से 140, नवी मुंबई से 136 और वसई से 36 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। अगले दो माह के लिए राज पर भाषण देने तथा पत्रकार वार्ता करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस उपायुक्त मिलिंद भरांबे ने बताया कि राज को गिरफ्तार करते समय धारा 144 के तहत नोटिस दिया गया जो कि तुरंत से प्रभावी हो गया। ठाकरे किसी सभा को संबोधित करेंगे या पत्रकार वार्ता करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने कहा कि कानून सर्वोपरि है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी हिंसा में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। देशमुख न कहा-राज ठाकरे की गिरफ्तारी के लिए सरकार पर कोई दबाव नहीं था।

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