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यूरेनियम की खाने निजी हाथों में नहीं : चव्हाण

सरकार ने गुरुवार को रायसभा में स्पष्ट किया कि परमाणु संयंत्रों के लिए यूरेनियम की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न रायों में खानों को विकसित करने के संगठित प्रयास किए जा रहे है लेकिन समूची खाने निजी क्षेत्रों को न तो सौपी गई है और न ही ऐसा करने का इरादा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में रायमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार ने यूरेनियम की खानों में मामूली रूप से निजी क्षेत्रों की हिस्सेदारी के साथ यूरेनियम की खोज और उसके खनन की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने कहा कि परमाणु खनिज अन्वेषण तथा अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) ने झारखंड, मेघालय, आंध्र प्रदेश तथा राजस्थान में यूरेनियम के एक लाख मीट्रिक टन से कुछ अधिक भंडारों का पता लगाया है। चव्हाण ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आंध्र प्रदेश में स्थित यूरेनियम की एक खान में वर्ष 2010 से खनन का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। मेघालय में कुछ छात्रों के कड़े विरोध के कारण हो रहे विलम्ब के बारे में पूछे जाने पर रायमंत्री ने कहा कि मेघालय के संम्बध्द पक्षों से बातचीत की जा रही है और उन्हे शीघ्र ही हल किया जाएगा। उन्हांेने कहा कि पिछले कई वषर्ो में विभिन्न रायों में खाने विकसित करने के लिए संगठित प्रयास किए गए है और उनसे भूमि के अधिग्रहण, खनन पट्टे, प्रभावित व्यक्ितयों की पुनस्र्थापना अथवा पुनर्वास, पर्यावरणीय तथा वन संबंधी अनुमतियों और जनमत आदि जैसी कठिनाइयों के बावजूद सकारात्मक परिणाम निकलने की आशा है।

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  • Web Title: यूरेनियम की खाने निजी हाथों में नहीं: चव्हाण