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नील्सन ने दी धैर्य रखने कचची सलाह

ोच टिम नील्सन ने भारत के हाथों मोहाली में मिली करारी शिकस्त से पस्त ऑस्ट्रेलियाई टीम की हौसला अफजाई की है। टिम नील्सन ने अपने खिलाड़ियों को इस विकट स्थिति में भी धीरज रखने की सलाह दी है। नील्सन ने अपने संदेश में खिलाड़ियों से कहा है कि इस बड़ी हार से टीम को चितिंत होने की जरूरत नहीं है। हमें पता है कि आगे कैसे खेलना है और इसके लिए हमें शांत और नियंत्रित रहने की जरूरत है ताकि हम दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’ गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को मोहाली में भारत ने 320 रनों से करारी शिकस्त दी थी। ऑस्ट्रेलिया की यह भारत के हाथों रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है। इसके बाद पूरे ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों में इस हार को लेकर हाहाकार मच गया और कप्तान रिकी पॉन्टिंग की कड़ी आलोचना हो रही है। भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान और इशांत शर्मा ने पहले ही टेस्ट से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है। इसके अलावा मेजबान स्पिनरों को भी खेल पाने में मेहमान बल्लेबाज असफल रहे हैं। इसके अलावा मेहमान टीम के लिए दूसरी जो सबसे बड़ी बात है कि उसके गेंदबाज नहीं चल पा रहे हैं। नील्सन ने कहा, ‘मोहाली का मैच हमारे योजनानुसार नहीं हो सका। हम काफी दबाव में थे और वापसी करने में असमर्थ हो गए। यह तब हुआ जब बेंगलुरु में हमने अच्छा प्रदर्शन किया था। अगर हम दिल्ली में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट में भी बेंगलुरु वाला प्रदर्शन दोहराने में कामयाब रहे तो हम वापसी कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि मोहाली में टीम इंडिया ने पांचों दिन शानदार प्रदर्शन किया। नील्सन ने कहा, ‘हमारे लिए सबसे जरूरी बात यह है कि हम अपनी लय हासिल कर सकें। जो हम पहले दो टेस्टों में नहीं कर पाए। भारतीय टीम काफी प्रतिभाशाली है। उसमें युवा और अनुभव का अच्छा मिश्रण है। लेकिन हमने बेंगलुरु में अपना दमखम दिखाया था और साबित किया था कि हम मैच जीतने की क्षमता रखते हैं।’ यह पूछने पर कि दिल्ली में फिरोजशाह कोटला मैदान के क्यूरेटर ने अनिल कुंबले के माफिक पिच बनाने की बात कही है निल्सन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को इन स्थितियों से नहीं घबराना चाहिए। नील्सन ने कहा, ‘हमे यह मानकर चलना चाहिए कि दिल्ली की पिच वाका, गाबा या फिर एडीलेड की पिच नहीं होगी। यह वैसी नहीं होगी जिस पर हम खेलने के आदी हैं। हमें इस पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’ उधर, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कोच टिम निल्सन ने दूसरे टेस्ट में कप्तान रिकी पॉन्टिंग और तेज गेंदबाज ब्रेट ली के बीच हुई कहासुनी पर अपनी चुप्पी तोड़ दी। गुरुवार को उन्होंने कहा कि मोहाली में चौथे दिन के पहले सत्र में ली को गेंदबाजी नहीं देने के पीछे केवल ओवर रेट में पिछड़ना मुख्य कारण नहीं था। उल्लेखनीय है कि ली की पॉन्टिंग के साथ उस समय कहासुनी हो गई थी जब उनके कप्तान ने उन्हें गेंद थमाने के बजाय मध्ययम तेज गेंदबाज माइकल हसी, पीटर सिडल, मिशेल जानसन और स्पिनर कैमरॉन व्हइट को गेंदबाजी करने का मौका दिया। पॉन्टिंग और उपकप्तान माइकल क्लार्क दोनों ने इस फैसले का यह कहकर बचाव किया कि टीम निर्धारित ओवर रेट से करीब पांच ओवर पीछे चल रही थी। इसके साथ ही वे थोड़ी कम गति की गेंद डलवाना चाहते थे। लेकिन निल्सन ने कहा कि टीम उस समय केवल तीन ओवर पीछे चल रही थी और मात्र जुर्माना लगने के डर से कोई भी खिलाड़ी इस तरह का फैसला नहीं कर सकता। निल्सन ने कहा, ‘वास्तव में हम भारतीय बल्लेबाजों के रनों पर रोक लगाना चाहते थे। इसलिए हमने उस समय तेज गेंदबाज से गेंदबाजी नहीं कराने का फैसला लिया। हसी बहुत कम गेंदबाजी करते हैं, लेकिन हमने उनसे भी गेंदबाजी कराई क्योंकि चीजें हमारे पक्ष में नहीं जा रही थीं। हालांकि हम ओवर रेट को लेकर इतने चिंतित नहीं थे क्योंकि निर्धारित ओवर रेट से मात्र तीन ओवर ही पीछे चल रहे थे।’ ऑस्ट्रेलियाई टीम का मानना है कि इस घटना को जरूरत से अधिक तूल दिया गया। पॉन्टिंग और निल्सन का कहना है कि खिलाड़ियों के बीच कोई विवाद नहीं था। हालांकि निल्सन की सफाई से यह स्पष्ट होता है कि पॉन्टिंग अपने मुख्य गेंदबाज की फॉर्म को लेकर कितने चिंतित थे और वह उस समय कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते थे जब भारत का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 100 रन था।

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