DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जख्मी दिल कांग्रेसियों के दिन अच्छे नहीं चल रहे

ाख्मी दिल कांग्रेसियों के लिए अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व को चुनौती देना तो दूर, अब उनके नेता सीधे-सीधे सामने भी नहीं आ रहे हैं। श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह के बहाने शक्ित प्रदर्शन का उनका दावा गड़बड़ा गया और कांग्रेस अभियान समिति के वैशाली में आयोजित कार्यक्रम में उनके भाग नहीं लेने का भी कोई असर नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ है कि अब उनमें बिखराव भी शुरू हो गया है। महाराष्ट्र प्रकरण समेत कई अन्य मसलों पर हर जख्मी दिल कांग्रेसी अलग ढपली बजा रहा है।ड्ढr ड्ढr जख्मी दिलों के केन्द्र बने डा. महाचंद्र प्रसाद सिंह जहां हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं वहीं शंभुनाथ सिन्हा जसे लोग आक्रामक तेवर में हैं। महाराष्ट्र प्रकरण को भी लेकर एक खेमा चुप्पी अख्तियार किए हुए है वहीं दूसरा खेमा इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को जिम्मेवार बताकर आलाकमान के खिलाफ ताल ठोंके हुए है। श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह को लेकर जख्मी दिल कांग्रेसियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे। इसको लेकर किए गए संवाददाता सम्मेलन को पहले कांग्रेस विधान पार्षद दल के नेता डा. महाचंद्र प्रसाद सिंह को संबोधित करना था लेकिन अंतिम समय उन्होंने अपने पांव खींच लिए। वैसे इसमें शंभूनाथ सिन्हा, हीरा सिंह और आजमी बारी ने उपस्थित होकर यह जताने की कोशिश की कि शक्ित प्रदर्शन का उनका दावा बरकरार है। लेकिन आयोजन जातीय सम्मेलन होकर रह गया और हालत यह हो गई कि कई कांग्रेसियों को मंच छोड़ कर जाना पड़ा।ड्ढr ड्ढr इनका मानना था कि राजनैतिक लड़ाई राजनीतिक मंच से ही लड़ी जा सकती है, किसी जातीय मंच से नहीं। अब महाराष्ट्र में बिहारी छात्रों के साथ मारपीट के मामले में अधिकतर कांग्रेसी जहां कुछ बोलकर आलाकमान को नाराज करने का साहस नहीं जुटा रहे हैं वहीं शंभुनाथ सिन्हा जसे लोग इसके लिए आलाकमान तक को संदेह के घेर में बता रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: जख्मी दिल कांग्रेसियों के दिन अच्छे नहीं चल रहे