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झारखंड में काम करनेवाले एनजीओ की कमी : शशिधर

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक केसी शशिधर ने कहा है कि झारखंड में काम करने वाले एनजीओ की कमी है। यहां योजना और पैसे की कोई कमी नहीं है, कमी है तो काम करने वाली अच्छी संस्थाओं की। यदि किसी के पास गांव के विकास के लिए कारगर योजना है, तो नाबार्ड उसे वित्तीय सहायता देगी। शशिधर सोमवार को आइएसएम में सर्च द्वारा आयोजित ग्रामीण उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि नाबार्ड गांव के विकास के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं को ग्रांट सपोर्ट देता है। यह किसी को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता नहीं देता है। बैंकों को र्का दिया जाता है तथा उसके माध्यम से लोगों को वित्तीय सहायता पहुंचाती है। नाबार्ड ने आधारभूत संरचना के विकास के लिए राज्य सरकार को 1600 करोड़ रुपये दिये हैं। आइएसएम के निदेशक एसपी मिश्रा ने बताया कि 30 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में फुड प्रोसेसिंग, फुड प्रोडक्शन, टूरिस्ट गाइड एवं रूरल टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सर्च के ट्रस्टी टी. प्रसाद ने कहा कि झारखंड आनेवाले विदेशी पर्यटक यहां की संस्कृति को जानना चाहते हैं, लेकिन टूरिस्ट गाइड की कमी के कारण उन्हें लाभ नहीं मिलता। यहां से प्रशिक्षण लेकर बेरोगार युवक-युवतियां इस क्षेत्र में काम करके आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकते हैं। स्वागत भाषण सर्च के चेयरमैन आरएके वर्मा ने दिया।

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