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हफ्ते भर में घटेंगे पेट्रोलियम के दाम!

सरकार अगले कुछ दिनों- हफ्तों के दौरान पेट्रोल, डीाल,केरोसिन तेल और एलपीजी सिलेंडर के दाम घटा सकती है। लेकिन दाम कम होना इस बात पर निर्भर करगा कि वियना में शुक्रवार को होने वाली ओपेक की आपात बैठक का क्या नतीजा निकलता है। बैठक 18 नवम्बर को होनी थी लेकिन तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें घटते जाने से तेल निर्यातक देश बेचैन हो उठे हैं।ड्ढr केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने लोकसभा बृहस्पतिवार को ऐलान किया कि सरकार एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल के दाम कम करने के संबंध में कोई फैसला लेगी। सदस्यों का कहना था कि जब विश्व बाजार में कच्चे तेल के दाम निरंतर घट रहे हैं, तब भारत में कम क्यों नहीं किये जा रहे।ड्ढr ड्ढr इस बीच, इंडियन ऑयल लिमिटेड के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों का घाटा कुछ कम हो रहा है तब सरकार का लोक-लुभावन फैसला इन कंपनियों की सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। इन्हें अब भी प्रति लीटर पेट्रोल की बिक्री पर 2.80 रुपये, डीाल पर 7.26 रुपये, केरोसिन तेल पर 26.1पये और एलपीजी सिलेंडर पर 335.35 रुपये का घाटा हो रहा है।ड्ढr विश्व बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल के दाम 66.डॉलर प्रति बैरल रहे। अगर तेल के दाम 61 डालर पर आ जाते हैं तो तेल कंपनियों को घाटा होना बंद हो जाता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने स्पष्ट किया कि देवड़ा जी ने पेट्रोल के दाम कम करने का वादा नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ इतना भरोसा दिलाया है कि ईंधन की कीमतों की समीक्षा होगी।ड्ढr ओपेक अगर तेल उत्पादन में कटौती करने का फैसला करगा तो उससे फिर तेल के दाम बढ़ने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसलिए सरकार फैसला सोच-समझ कर ही करगी। ओपेक के अध्यक्ष चकिब खलील कह चुके हैं कि तेल निर्यातक देश मंदी की वजह से तेल की मांग में कमी के कारण गिरती कीमतों से परशान हैं। ओपेक के अनेक सदस्य देश चाहते हैं कि कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से 0 डॉलर हीच रहें तो ठीक है।

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