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संसद 10 दिसंबर तक स्थगित

सरकार ने संसद के मौजूदा सत्र को अनिश्चितता और अफरातफरी के बीच 10 दिसम्बर 2008 तक के लिए स्थगित कर दिया। इस सत्र को सरकार ने 21-22 जुलाई को हुए विशेष विश्वासमत सत्र से ही जोड़ते हुए कह दिया कि दिसम्बर सत्र भी जुलाई में चले सत्र का ही अंग होगा। सहयोगी घटकों की ओर से आएदिन के दबावों और आगामी विधानसभा चुनावों के अनिश्चय माहौल के चलते सरकार ने इस सत्र को कोई नाम देने से इंकार कर दिया।ड्ढr ड्ढr छठ में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमतिड्ढr नई दिल्ली (वार्ता)। छठ पूजा के अवसर पर मुंबई के जुहू बीच पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दे दी। कोर्ट ने दस बजे रात तक पूजा के दौरान लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति दी है। मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन न्यायमूर्ति पी सदाशिवम एवं न्यायमूर्ति अफताब आलम की खंडपीठ ने ‘बिहारी फ्रंट’ की ओर से दायर याचिका पर यह फैसला दिया। याचिका में कहा गया था कि लाउड स्पीकर का इस्तेमाल न होने से कोई दुर्घटना हो सकती है। कहा गया था कि स्थानीय प्रशासन ने लाउडस्पीकर के प्रयोग तथा भीड़ के नियंत्रण के लिए उन तक सूचना पहुंचाने वाली किसी मशीन की जूहू बीच पर संयत्र होने वाली छठ पूजा में इस्तेमाल की अनुमति नही दी है जबकि बिहार के निवासियों का यह प्रमुख त्यौहार है। याचिका के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राजठाकरे ने जुहू बीच पर होने वाली छठपूजा का विरोध किया था। सफलतापूर्वक पृथ्वी का चक्कर काट रहा चंद्रयानड्ढr नई दिल्ली (वि.सं.)। चंद्रयान-1 पृथ्वी की दीर्घ वृत्ताकार कक्षा में 3700 किमी की दूरी तक सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है। अगले एक-दो दिनों में इसे और बड़ी कक्षा में पहुंचा दिया जाएगा। तब यह पृथ्वी से लगभग 73000 किलोमीटर दूर पंहुच जाएगा। इसके बाद तीन और चरणों की यात्रा पूरी कर 8 नवम्बर तक चंद्रकक्षा में स्थापित होकर कार्य शुरू कर देगा। इसरो के प्रवक्ता के. सतीश ने हिन्दुस्तान को फोन पर बताया कि प्रक्षेपण के तीसर दिन भी चंद्रयान की प्रगति अच्छी रही है। चंद्रयान-1 के सभी उपकरण सही तरीके से कार्य कर रहे हैं और यह अपनी निर्धारित कक्षा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क सेंटर को चंद्रयान से लगातार सिगनल प्राप्त हो रहे हैं।ड्ढr चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 अक्टूबर की सुबह 6.22 बजे किया गया था। पहले दिन इसे पृथ्वी की कक्षा में निकटतम बिन्दु में प्रवेश कराया गया था और उसमें चक्कर काटने के बाद गुरूवार को इसे दूरस्थ कक्षा में भेजा गया। इसरो के वैज्ञानिक अब इसे तीसर चरण में पृथ्वी की बाहरी कक्षा में 73000 किलोमीटर की अधिकतम दूरी वाली कक्षा में भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

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