DA Image
25 फरवरी, 2020|7:46|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एचबी लाल की नियुक्ित रद्द

झारखंड हाइकोर्ट ने जेएसइबी के चेयरमैन एचबी लाल की नियुक्ित तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। कोर्ट ने उनकी नियुक्ित को अवैध और अवमानना के लायक बताते हुए नये अध्यक्ष की नियुक्ित में नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश सरकार को दिया है। जस्टिस एमवाइ इकबाल एवं जस्टिस जया राय की बेंच ने सोमवार को सहोदर प्रसाद महतो की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया। हाइकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाइकोर्ट ने अपने 22 पेज के आदेश में कहा है कि सरकार ने एचबी लाल की नियुक्ित में किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। वर्ष 2001 में ही जबकि हाइकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वह इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ित के लिए प्रक्रिया का पालन कर। सर्च कमेटी बना कर अध्यक्ष की नियुक्ित कर। लेकिन श्री लाल की नियुक्ित में ऐसा नहीं किया। सरकार ने सिर्फ एक लाइन का आदेश जारी कर उन्हें अध्यक्ष बना दिया। नियुक्ित के बाद विजिलेंस क्लीयरंस के लिए फाइल पटना भेजी गयी, जो गलत है । ऐसा कर कोर्ट के पूर्व आदेश को नजर अंदाज भी किया गया है। कोर्ट ने कहा है कि वर्ष 2004 में भी एचबी लाल बोर्ड के अध्यक्ष थे। उस समय उनका कार्यकाल संतोषजनक नहीं था। इस बात को सरकार एवं बिजली बोर्ड ने भी शपथपत्र दाखिल कर स्वीकार किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में पूर्व मुख्य सचिव बीएस दुबे की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया है जिसमें एचबी लाल को बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बनाने की बात कही गयी है। प्रार्थी की ओर से वकील महेश तिवारी एवं राजेश कुमार ने बहस की।ड्ढr सुप्रीम कोर्ट जाऊंगाड्ढr हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेएसइबी के चेयरमैन एचबी लाल ने कहा है कि अब सरकार निर्णय ले। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार किया पर कहा कि वह क्यों पद छोड़ेंगे या रिााइन करंगे। जो भी करना है, सरकार कर। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जायेंगे। जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करंगे।ड्ढr

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: एचबी लाल की नियुक्ित रद्द