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नहीं छोड़ी जाएगी ‘तेजस’ परियोजना : एंटनी

रक्षा मंत्री एके एंटनी ने शनिवार को कहा कि अजरुन टैंक और हल्के लड़ाकू विमान तेजस से जुड़ी परियोजनाआें के बारे में सारे शक शुबहे दूर हो चुके हैं और अब इन्हें मझधार में छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक लिमिटेड (एचएएल) में बनाए जा रहे विमानों और हेलीकॉप्टरों की उड़ान का निरीक्षण करने के बाद एंटनी ने दिसंबर 2010 तक तेजस को वायुसेना में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह परियोजना पूरी तरह सफल साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज से दो साल पहले जब रक्षा मंत्रालय का कार्यभार उनके कंधों पर आया तो तेजस और अजरुन की उपयोगिता के बारे में न केवल बहस छिड़ी हुई थी बल्कि उनके बारे में तरह-तरह के शक भी जताए जा रहे थे, लेकिन अब संदेह के सारे बादल छंट गए हैं और इन परियोजनाआें को बीच में छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। रक्षा मंत्री के साथ आए वायु सेना अध्यक्ष फाली होमी मेजर ने इस मौके पर एंटनी के मत की पुष्टि करते हुए कहा कि तेजस को लेकर अब कोई समस्या नहीं है। वर्तमान में इस विमान को हथियारों से लैस करने की प्रक्रिया चल रही है और दिसम्बर 2010 के अंत तक निर्णायक स्वीकृति मिलने के बाद साल 2011 में यह विमान वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरंभिक मंजूरी के मुताबिक पहले बीस विमान में मौजूद इंजनों को ही लगाया जाएगा, जबकि शेष तेजस विमानों में और यादा ताकतवर इंजन लगाए जाएंगे। एचएएल और वायुसेना दोनों मिलकर जीई और यूरो फाइटर में से कोई एक इंजन का चुनाव करेंगें।

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