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मार्च तक मुद्रास्फीति दर नीचे आने की उम्मीद

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी के मद्देनजर मूल्य, वित्तीय स्थिरता तथा वृद्धि दर के बीच सन्तुलन बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैंक ने उम्मीद भी जताई है कि मार्च तक मुद्रास्फीति दर काफी हद तक नीचे आ जाएगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते अभी यह कहना बहुत ही जल्दबाजी होगी कि वित्त वर्ष में किस तरह वृद्धि दर हासिल की जाएगी? क्योंकि बाजार में अभी भी अनिश्चितता का माहौल है। गौरतलब है कि बैंक ने वार्षिक मौद्रिक नीति की मध्यावधि समीक्षा में महत्वपूर्ण नीति दरों में कोई बदलाव नहीं किया। वृद्धि दर पर जोखिम के मद्देनजर विश्व के सभी बड़े बैंकों, फेडरल बैंक, अमेरिका, यूरोपीय सेन्ट्रल बैंक और पीपुल्स चाइना बैंक ने इस माह समन्वित तरीके से अपनी ब्याज दरों में कटौती की है। देश में भी रेपो दर और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कमी की गई और सोमवार को रिजर्व बैंक ने अपनी ब्याज दर एक प्रतिशत कम कर के इसे आठ प्रतिशत कर दिया है।

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  • Web Title: मार्च तक मुद्रास्फीति दर नीचे आने की उम्मीद