DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   रैगिंग करने वालों पर कसेगी लगाम

एजुकेशनरैगिंग करने वालों पर कसेगी लगाम

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Mon, 23 Jul 2012 11:23 AM
रैगिंग करने वालों पर कसेगी लगाम

दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2012-13 की कक्षाओं की शुरुआत सोमवार से होने वाली हैं। इसके मद्देनजर रैगिंग रोकने और कैंपस में अनुशासन बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कई कदम उठाए गए हैं।

डीयू प्रोटेक्शनल बोर्ड ने फैसला किया कि नए सत्र की शुरुआत होने के साथ ही विश्वविद्यालय कैंपस और कॉलेजों में रैगिंग रोकने व इसमें शामिल होने और शारीरिक शोषण करने वाले को दंडित किया जाएगा। छात्र और उनके अभिभावकों से रैगिंग को लेकर शपथ पत्र मांगे गए हैं। ताकि कैंपस में रैगिंग पर रोक लगाई जा सके।
विश्वविद्यालय के दोनों कैंपस में ज्वाइंट कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। कॉलेज, कैंपस और हॉस्टल के बाहर रैगिंग से संबंधित नियम लगाए गए हैं।

हॉस्टल के शुरुआती सप्ताह में छात्रों के अतिथिओं के ठहरने पर रोक लगा दी गई है। नियमित और बिना सूचना दिए हॉस्टल की जांच की जाएगी। सभी कॉलेजों के बाहर पुलिस चौकी लगाई जाएगी। इसके अलावा महिला कॉलेजों के बाहर विशेष तौर पर पुलिस सहायता प्रदान की जाएगी। रैगिंग रोकने के लिए विश्वविद्यालय के एफएम रेडियो से जानकारी प्रदान की जाएगी।

रैगिंग से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। वहीं कुछ छात्र संगठन की ओर से रैगिंग को रोकने के लिए जागरुकता रैली भी निकाली जाएगी। रैगिंग करते वक्त पकड़े जाने पर कॉलेज से निष्कासन, निलंबन या डिग्री रद्द की जाएगी। इसके अलावा भी कार्रवाई होगी।

रैगिंग से न घबराएं
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की निगरानी करने के लिए साउथ और नॉर्थ कैंपस एक-एक निंयत्रण कक्ष बनाया गया है।
सभी कॉलेजों में अनुशासन संबंधी गतिविधियों पर गौर करने के लिए एक-एक दस्ता बनाया गया है।
नॉर्थ कैंपस में खाने-पीने वाली जगहों पर खास निगरानी होगी।
बाहरी लोगों के लिए कॉलेज और हॉस्टल में प्रवेश करने की सख्त मनाही है।
छात्र-छात्राएं हॉस्टल में अतिथियों को न रखें।
हॉस्टल प्रशासन कभी भी अचानक जांच कर सकते हैं। 
सभी कॉलेज, खासतौर पर महिला कॉलेजों के बाहर पुलिस पिकेट है।
लड़कियों पर छींटाकशी को रोकने के लिए सादे कपड़े में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

ऐसे करें शिकायत
रैगिंग की आशंका होने पर तत्काल प्रिंसिपल या फैकल्टी के सदस्यों से शिकायत करें।
रैगिंग करने वालों के विरुद्ध एक लिखित शिकायत लिखकर कॉलेज परिसर में बने बॉक्स में डालें।
नॉर्थ कैंपस के संयुक्त नियंत्रण कक्ष में 011 27667221 पर और साउथ कैंपस के लिए 011 24119832 पर फोन करें।
किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीक के पीसीआर वैन को सूचित करें या 100 पर डायल करें।
एंटी रैगिंग की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 18001805522 पर फोन कर किसी भी समय शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। यह हेल्पलाइन छात्रों की मदद के लिए चौबीस घंटे सातों दिन काम करती है।
प्रॉक्टर को पर मेल कर सूचित किया जा सकता है।

इनका रखें ध्यान
पहले दिन अपना पहचान-पत्र ले जाना न भूलें। मुमकिन है कि पहचान-पत्र न होने की स्थिति में कॉलेज परिसर में प्रवेश ही न मिले। अगर पहचान-पत्र न मिले, तो रसीद भी लेकर जा सकते हैं।
कॉलेज परिसर में पहुंचने से पहले विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विषय के हिसाब से टाइम टेबल जरूर देख लें। हालांकि कॉलेज जाकर भी टाइम टेबल देखा जा सकता है।
पहले दिन क्लास में समय पर जरूर पहुंचें। देर से पहुंचने पर इंडक्शन का सत्र छूट सकता है।
कम से कम पानी की बोतल और कुछ खाने का सामान जरूर साथ रखें।
छात्र-छात्राएं कैंपस में आने के लिए निजी वाहन का प्रयोग न करें।
अगर कोई बाहरी दोस्त गाड़ी लेकर कैंपस आए तो गेट-2, छात्र मार्ग पर पार्क करें।

मस्ती के अड्डे
खाने-पीने के लिए कॉलेज कैंटीन में इंतजाम तो होता ही है, लेकिन कॉलेज कैंपस के बाहर भी खाने का मजा भी लिया जा सकता है। नया सत्र शुरू होते ही नॉर्थ और साउथ कैंपस के इर्दगिर्द नए स्टॉल भी सज जाते हैं।
नॉर्थ कैंपस से कुछ ही दूरी पर स्थित कमला नगर मार्केट शॉपिंग और खाने के लिहाज से माकूल जगह है। कमला नगर मार्केट रिक्शा से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
साउथ कैंपस के आसपास भी कई रेस्तरां हैं जहां आपको लजीज खाना मिल जाएगा। सत्य निकेतन के बाजार में छात्रों को खाने के अलाना शॉपिंग की दुकानें भी दिखेंगी।
मस्ती का एक नए अड्डे के रूप में विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन भी विकसित हो गया है। इसके आसपास भूख मिटाने के स्टॉल तो हैं ही, यहां पेन, नोटबुक जैसे जरूरी सामान भी आसानी से मिल जाते हैं।

संबंधित खबरें