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कैबिनेट के कागजात सार्वजनिक करने योग्य

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने व्यवस्था दी है कि केंद्रीय कैबिनेट के निर्णयों से संबंधित सभी कागज एक बार फैसलों की घोषणा हो जान के बाद उजागर करने योग्य हैं। मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला ने व्यवस्था दी है प्रथम अपीली प्राधिकरण द्वारा दी गई यह दलील कि कैबिनेट का फैसला उजागर करने योग्य है लकिन कैबिनेट के कागज नहीं, पूरी तरह अतार्किक है। सीआईसी नोएडा के पीडी खंडेलवाल की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। खंडेलवाल ने एक फाइल के निरीक्षण की मांग की थी। लेकिन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने यह कहकर निरीक्षण से मना कर दिया था कि यह मंत्रिपरिषद के कागजातों का हिस्सा है जिसमें सचिवालयों व अन्य अधिकारियों की जानकारी होती है और इसे अधिनियम की धारा आठ (1) के तहत छूट प्राप्त है।ड्ढr ड्ढr उनकी पहली अपील को भी खारिज कर दिया गया था। अपने आदेश में आयोग न कहा कि भारत के संविधान में स्वत: ही कैबिनेट शब्द नहीं है। आयोग न कहा कि मंत्रिपरिषद का फैसला कैबिनेट का फैसला है। क्योंकि कैबिनेट के मंत्री मंत्रिपरिषद के हिस्सा हैं।

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  • Web Title: कैबिनेट के कागजात सार्वजनिक करने योग्य