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सीएनटी-एसपीटी एक्ट के सौ साल पर होगी रैली

सीएनटी और एसपीटी एक्ट के सौ साल पूरा होने पर 11 नवंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में रैली सह शताब्दी समारोह का आयोजन किया जायेगा। इसमें राज्यभर के हाारों आदिवासी जुटेंगे। उस दिन नौ सूत्री मांग पत्र भी जारी किया जायेगा। यह जानकारी झारखंड प्रदेश मांझी परगनैत, मुंडा-मानकी, डोकलो सोहोर, महतो-पड़हा महासमिति के संयोजक सह पूर्व मंत्री देवकुमार धान ने दी है। उन्होंने बताया कि रैली की तैयारी की समीक्षा के लिए 26 अक्तूबर को पड़हा महासमिति की बैठक रामचंद्र मुमरू की अध्यक्षता में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि रैली को लेकर तैयारी जोरों पर है।ड्ढr रैली में मुख्यमंत्री शिबू सोरन, केंद्रीय मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, सांसद बागुन सुंब्रुई, सुशीला केरकेट्टा, भू-राजस्व मंत्री दुलाल भुइयां, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू सहित कई नेता शामिल होंगे। रैली के माध्यम से मांग की जायेगी कि सीएनटी एक्ट की धारा 71ए की 1से 2008 तक समीक्षा की जाये। इसमें गलत फैसला देने वाले पदाधिकारियों को दंडित किया जाये और नाजायज हस्तांतरित भूमि को मूल रैयतों को वापस किया जाये। धारा 4ा 1से 2008 तक समीक्षा की जाये। इसमें दोषी पाये गये अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। भूमि न्यायाधिकरण का गठन कर आदिवासियों की भूमि वापस की जाये। मूल सीएनटी एक्ट को अक्षरश: लागू किया जाये। कोल्हान के मुंडा मानकी की तरह सभी मुंडा मानकी, मांझी परगनैत, डोकलो सोहोर, महतो-पड़हा राजाओं को भी सम्मान राशि दी जाये। आदिवासी परंपरागत स्वशासन को अधिकार दिया जाये। जिला के अंतिम रिकार्ड सव्रे राइट्स के आधार पर झारखंड की स्थानीय नीति घोषित की जाये।ड्ढr बैठक में अंतु हेमरोम, सुखदेव उरांव, वानेश्वर उरांव, प्रभुदयाल उरांव, लाधु उरांव, महादेव मुंडा, दीनू उरांव, रामलेदु मुंडा, जगन्नाथ मुंडा, पिंटू बड़ाइक, महादेव उरांव, कृष्णा लकड़ा शामिल थे।

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