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विश्वनाथन आनंद फिर बने शतरंज के शहंशाह

दिवाली पर देश को सबसे बड़े तोहफे की उम्मीद थी विश्वनाथन आनंद से। उम्मीद थी कि वे न केवल तोहफा देंगे बल्कि शतरां की दुनिया के शहंशाह बन जाएंगे। ऐसा हुआ भी लेकिन दिवाली के ठीक एक दिन बाद। लगातार बाजियों में अजेय रहने के बाद विश्व चैंपियनशिप मैच की 10वीं बाजी में व्लादिमिर क्रैमनिक ने जबर्दस्त वापसी करते हुए आनंद को मात दे दी थी। यही कारण था कि उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा। बुधवार को 11वीं बाजी में सफेद मोहरों से खेलते हुए आनंद ने व्लादिमिर क्रैमनिक से बाजी 24 चालो के बाद ड्रॉ खेल दुनिया को दिखा दिया कि अब चौंसठ खानों के इस खेल में उनसे आगे कोई नहीं। 2000 और 2007 में विश्व चैंपियन रह चुके आनंद को क्रैमनिक ने चुनौती थी। आनंद ने क्रैमनिक की इस चुनौती को एक बाजी शेष रहते ही ध्वस्त कर दिया। आनंद का स्कोर 6.5 जबकि क्रैमनिक का स्कोर 4.5 रहा। लम्बे समय तक आनंद के सेकंड रहे उबिलावा ने कहा था, हो सकता है कि आनंद का सारा ध्यान विश्व चैंपियनशिप मैच पर हो और वे अपनी तैयारियों को जगजाहिर नहीं होने देना चाहते थे। वाकई उबिलावा की यह बात सोलह आने सच थी। अब आनंद शतरां के निर्विवाद विश्वनाथ हैं।

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  • Web Title: विश्वनाथन आनंद फिर बने शतरंज के शहंशाह