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तीसरे चरण में मुकाबला दिलचस्प

बिहार में 15 वीं लोक सभा के लिए तीसरे चरण के मतदान में कुछ जाने माने नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ये सभी अपनी-अपनी जीत के दावे ठोक रहे हैं। किस के भाग्य में क्या लिखा है। इसका फैसला आने वाले दिनों में वोटर तय कर देंगे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, केन्द्रीय कृषि एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री मो.तस्लीमुद्दीन केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, पूर्व केन्द्रीय मंत्री निखिल चौधरी, जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष ललन सिंह, सांसद सुखदेव पासवान, सांसद रंजीत रंजन और सांसद उदय सिंह जैसी कद्दावर हस्तियां 30 अप्रैल को बिहार में तीसरे चरण के चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे। राज्य में 40 में से 13 सीटों पर प्रथम चरण के लिए 16 अप्रैल दूसरे चरण के लिए इतनी ही सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान संपन्न होने के बाद तीसरे चरण में 30 अप्रैल को सुपौल,अररिया, किशनगंज, कटिहार,पूर्णिया, मधेपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका और मुंगेर लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। इनमें मधेपुरा, किशनगंज, बांका,भागलपुर, कटिहार, अररिया, मुंगेर, सुपौल, पूर्णिया और बेगूसराय ऐसी सीटें है जहां पर कांटे का मुकाबला हो रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकारी संयोजक और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव अपनी पुरानी सीट मधेपुरा से पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं। यादव को मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मंत्री प्रो. रविन्द्र चरण यादव तथा कांग्रेस के तारानंद सदा से कड़ी टक्कर मिल रही है वहीं सोनवर्षा के निर्दलीय विधायक किशोर कुमार के खड़ा हो जाने से यह मुकाबला और रोचक हो गया है। ड्ढr किशनगंज लोकसभा सीट से केन्द्रीय कृषि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री तस्लीमुद्दीन राजद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में है जबकि राजग में भाजपा के खाते वाली सीट पर जदयू ने इस बार सैयद महमूमद असरफ को तथा कांग्रेस ने मौलाना असरारूल हक को उम्मीदवार बनाया है। लगभग सत्तर प्रतिशत से अधिक मुस्लिम मतदाता वाले इस लोकसभा क्षेत्र में विकास के बीच चुनावी जंग छिड़ी है जिसमें राजद जदयू और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। पूर्व विदेश राज्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पुरानी सीट बांका से जदयू का टिकट चाह रहे थे लेकिन पार्टी द्वारा टिकट नहीं मिलने से नाराज वह बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर गए और उनका मुकाबला जदयू प्रत्याशी और बिहार के समाज कल्याण मंत्री दामोदर रावत, केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री एवं राजद प्रत्याशी जयप्रकाश नारायण यादव से है। इस सीट से राजद के निवर्तमान सांसद गिरधारी यादव भी टिकट चाह रहे थे और नहीं मिलने पर कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में यहां से ताल ठोक रहे हैं। जदयू से दिग्विजय सिंह और राजद से गिरधारी यादव को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से दोनों दलों के इस क्षेत्र के कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी जिससे कार्यकर्ताओं पर भी इसका असर पड़ा है। भागलपुर से भाजपा सांसद और राजग प्रत्याशी सैयद शाहनवाज हुसैन की प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों ने तगड़ी घेराबंदी कर रखी है। सबके निशाने पर भाजपा प्रत्याशी शाहनवाज है और उनसे ही सब की टक्कर है। पिछले उप चुनाव की तरह इस बार उनका सामना राजद के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी से हो रहा है। कांग्रेस के सदानंद सिंह बहुजन समाज पार्टी के अजीत शर्मा और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व सांसद सुबोध राय की मौजूदगी ने इस चुनावी लड़ाई को सर्वाधिक दिलचस्प बना दिया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा सांसद निखिल चौधरी पार्टी के टिकट पर कटिहार लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में है और उनका मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तारिक अनवर से है। कांग्रेस ने अनवर के समर्थन में यहां से किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया है। इस क्षेत्र से पूर्व विधायक महबूब आलम और पूर्व विधायक हिमराज सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। अररिया से भाजपा के सांसद रहे सुखदेव पासवान को इस बार पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया जिसके कारण वह निर्दलीय ही चुनाव मैदान में है। पासवान का मुकाबला भाजपा के अररिया से विधायक प्रदीप कुमार सिंह से है। इस क्षेत्र से लोक जनशक्ित पार्टी के बाहुबली पूर्व विधायक जाकिर अनवर इन दोनों प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर देने में लगे हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह अपने पुराने सीट बेगूसराय को छोड़कर से इस बार मुंगेर से ताल ठोक रहे है। सिंह के कल तक वफादार रहे पूर्व विधान पार्षद रामबदन राय राजद के टिकट पर इस क्षेत्र के चुनाव मैदान में है। इस क्षेत्र में सिंह और राय के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। जदयू समर्थकों का इस क्षेत्र में मूलमंत्र जहां नीतीश सरकार के चालीस माह के दौरान किए गए विकास कार्य है। वहीं राजद समर्थक रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव की उपलब्धियां गिना रहे है। इनके अलावा इस क्षेत्र से निर्दलीय पूर्व सांसद ब्रह्मानंद मंडल और निर्दलीय ही पूर्व मंत्री रामदेव सिंह यादव भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत तलाशने उतरे हैं। राजद से निष्कासित बाहुबली सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से चुनाव मैदान में उतरी है। श्रीमती रंजन को जदयू के विधायक और पूर्व मंत्री विश्वमोहन कुमार तथा माक्र्सवदी कम्युनिस्ट पार्टी के बलराम सिंह यादव से मुकाबला है। इस क्षेत्र के प्रत्याशी मतदाताओं को अपनी ओर गोलबंद करने के लिए कोसी जल प्रलय को चुनावी मुद्दा बनाने में लगे हैं। पूर्णियां लोकसभा सीट पर भाजपा के सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह कांग्रेस समर्थित निर्दलीय शांतिप्रिया देवी राजद समर्थित लोक जनशक्ित पार्टी प्रत्याशी शंकर झा उर्फ बाबा और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी लेनिनवादी) की पूर्व विधायक माधवी सरकार के बीच टक्कर है। हालांकि निर्दलीय डा.इरशाद इस चुनावी जंग को बहुकोणीय बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिहार का लेनिनग्राद कहे जाने वाले बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पूर्व सांसद शत्रुध्न सिंह को मैदान में उतारा है। सिंह से मुकाबले के लिए जदयू ने पूर्व मंत्री मनोजिर हसन तथा लोजपा ने चेरिया के विधायक अनिल चौधरी को उतार कर इस चुनावी प्रतियोगिता और रोचक बना दिया है। कांग्रेस टिकट पर अमिता भूषण चुनाव मैदान में है। इस बार एकताबद्ध हुए वामपंथी किसी भी कीमत पर अपने गढ़ को वापस पाने में एड़ीचोट एक किए हुए है।ड्ढr इस चरण में इन दिग्गज समेत कुल 203 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक भविष्य की तलाश में उतरे हैं।

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