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महाराष्ट्र की घटनाओं से गरमाने लगी राजनीति, सभी दलों के तेवर तीखे

मुम्बई में उत्तर भारतीयों के खिलाफ चलाए गए अभियान का राानीतिक असर अब उत्तर भारत में दिखने लगा है। महाराष्ट्र में खेलेोा रहे इस खेल का वहाँ पर क्या असर होगा यह समय बताएगा लेकिन उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे पर राानीतिक दलों को दो-चार होना पड़ेगा। कांग्रेस के लिए यह मुद्दा गहर संकट का सबब बनताोा रहा है लेकिन भाापा भी कम परशानी में नहीं है। यदिोल्द ही इन घटनाओं को रोका नहीं गया तो नेतृत्व को अपने स्थानीय नेताओं की बगावत भी झेलनी पड़ सकती है।ड्ढr मुम्बई में राहुल राा की मुठोड़ के नाम पर पुलिस द्वारा की गई हत्या और अब महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा संतकबीरनगर के धर्मदेव राय की हत्या ने सार मुद्दे ही बदल दिए हैं। पिछले दो दिनों में प्रदेश के सभी राानीतिक दलों के तेवरों में काफी तीखापन आ गया है। मुख्यमंत्री मायावती सीधे केन्द्र पर हमला बोल रही हैं। समाावादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव अपने ही सहयोगी कांग्रेस पर यह कहकर सख्त हो गए हैं कि क्षेत्रीयता के नाम पर देश तोड़ने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार बहुत ही नरम है।ड्ढr हालत यह है कि राानीतिक दलों का अनुशासन भी अब अपने नेताओं को नहीं बाँध पा रहा है। भाापा का शिवसेना से गठबंधन है लेकिन उसी पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ‘मुम्बई राा ठाकर और बाल ठाकर के बाप की नहीं है।’ भाापा के प्रदेश चुनाव प्रभारी कलराा मिश्र कहते हैं- ‘मनसे के लोग गुण्डे हैं और उन्हें कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है।’ एक प्रश्न के उत्तर में श्री मिश्र ने कहा कि यदि उनके सहयोगी दल शिवसेना के लोग भी इसी तरह की हरकते करते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो। कांग्रेस की समस्या सबसे बड़ी है। पार्टी प्रवक्ता अखिलेश सिंह का कहना है कि महाराष्ट्र में क्षेत्रीयता के नाम पर उपद्रव फैलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है महाराष्ट्र में गृहमंत्री का पद सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस के पास है।ोिस तरह से मराठा और गैर मराठा के नाम पर लोगों को मारा गया है। उससे लोगों में नाराागी बढ़ी है। पहले बिहार में हुआ उपद्रव और अब यूपी के संतकबीरनगर मेंोनता की एकाुटता ने, यहाँ के राानीतिक दलों को स्थिति की गंभीरता का संदेश दे दिया। आने वाले चुनाव में राानीतिक दलों के लिए यह बहुत बड़ा मुद्दा होगा। प्रदेश में विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोग इस बात को लेकर नाराा हैं कि आखिर उन हिंसा फैलाने वाले संगठनों और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही है? कांग्रेस के स्थानीय नेता भी इस मुद्दे पर बगावत के मूड में है। अनौपचारिक बातचीत में कांग्रेस के नेता कहते हैं कि सिर्फ महाराष्ट्र संभालने का प्रयास पूर उत्तर भारत के हाथ से निकलने का कारण न बनोाए। इसकी सफाई भी कांग्रेस को ही देनी होगी। भाकपा-माले ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसके विरोध में शुक्रवार को प्रदेश में सभी जगह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पुतला फूँकने का ऐलान किया है।

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