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सीरियल धमाकों से दहला असम

आतंकवाद की लपटों से गुरुवार को असम जल उठा। सुबह 11.25 बजे राजधानी गुवाहाटी में गणेशगुड़ी फ्लाइओवर के निकट पहला धमाका हुआ। इसके बाद 12.15 तक गुवाहाटी समेत निचले असम के कोकराझार, बोंगईगांव और बारपेट जिले एक दर्जन से अधिक धमाकों से दहल उठे। इन सिलसिलेवार बम धमाकों में कम से कम 66 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक लोग घायल हो गए। पूर राज्य मं रड अलर्ट जारी कर दिया गया है। संयोग से यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ‘गृह राज्य’ है। राज्यसभा में वह असम का प्रतिनिधित्व करते हैं।ड्ढr ड्ढr पुलिस के अनुसार सीरियल ब्लास्ट के पीछे बांग्लादेशी आतंकी संगठन हूाी अथवा उल्फा का हाथ हो सकता है। हालांकि उल्फा ने इस आरोप से इंकार किया है तथा किसी अन्य संगठन न इसकी जिम्मदारी अभी तक नहीं ली है । पुलिस ने धमाकों में आरडीएक्स के इस्तेमाल की आशंका जताई है। केन्द्र ने राज्य सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। इस बीच केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अधिक सैन्यबल को असम के लिए रवाना कर दिया है। केन्द्र सरकार ने मृतकों के परिानों को एक-एक लाख के मुआवजे की घोषणा की है।ड्ढr ड्ढr अकेले गुवाहाटी में ही कम से कम 33 लोग मार गए और 235 लोग घायल हो गए। यहां गणेशगुड़ी, पान बाजार, फैंसी बाजार, जिला अदालत और पल्टन बाजार जस व्यस्ततम स्थानों पर पांच धमाके हुए। गणेशगुड़ी में बम एक कार में रखा गया था। यह इतना शक्ितशाली था कि आसपास के 50 मीटर के दायरे तक सब कुछ तबाह हो गया। गुवाहाटी में जनाक्रोश को देखते हुए कफ्यरू लगा दिया गया है। सरकारी सूत्रों ने बारपट व कोकराझार मं तीन-तीन और बोगईगांव मं एक स्थान पर विस्फोट होने की जानकारी दी है। कोकराझार में 21 लोग मार गए और कम से कम 64 घायल हो गए। बोगाईगांव में पांच लोग जख्मी हुए हैं। राज्य में इतने बड़े पैमाने पर होने वाला यह पहला आतंकवादी हमला है। राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा, ‘हम इस घृणित अपराध की तह में जाने में कोई कसर नहीं उठा रखेंगे। अगर जरूरत हुई तो बाहरी एजेंसियों की भी सहायता ली जाएगी और जांच के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।’ गुवाहाटी में अनिश्चितकाल के लिए कफ्यरू लगा दिया गया है। यहां बम धमाकों से गुस्साए लोगों ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाया जिससे पुलिस को हवा में फायरिंग करनी पड़ी। आईाी जी पी सिंह ने बताया कि गणेशगुड़ी में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इस बीच केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। हालात का जायजा लेने के लिए गृह मंत्रालय की एक टीम को असम भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह न इन सिलसिलवार विस्फोटों को दश बांटन की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, लेकिन ये मंसूबे कामयाम नहीं होंगे।

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  • Web Title: सीरियल धमाकों से दहला असम