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गलती डॉक्टर की, पुलिसिया चक्कर में फंसे टेक्नीशियन

‘कर कोई-भर कोई’-पीएमसीएच इमरजेंसी के एक्सर टेक्नीशियनों ने कुछ इसी तरह की गुहार स्वास्थ्य सचिव से लगायी है। गलती डाक्टर की और पुलिसिया चक्कर में फंसे हैं टेकनीशियन।ड्ढr मजेदार तथ्य यह है कि डाक्टरों की ही टीम इन टेक्नीशियनों को आरोप मुक्त कर चुकी है। इन टेक्नीशियनों द्वारा स्वास्थ्य सचिव को दिये आवेदन में पीएमसीएच के नवनियुक्त प्राचार्य सह रडियोलॉजी एचओडी डा. डीडी गुप्ता और अधीक्षक डा. ओपी चौधरी दोनों ने ही हस्ताक्षर कर टेक्नीशियनों की बातों को सही माना है। बावजूद पुलिसिया कार्रवाई जारी है। हालांकि गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने एक्सर टेक्नीशियनों के आवेदन पर आगे की कार्रवाई शुरू की है। स्वास्थय सचिव को दिये आवेदन के मुताबिक बीती 14 जनवरी को मुनी लाल यादव नामक गोली से घायल मरीज पीएमसीएच इमरजेंसी में भर्ती हुआ। एक्सर में फोरन बॉडी ओपेसीटी (गोली) पकड़ में आया। एक्सर के आधे घंटे के अन्दर एक्सर प्लेट सर्जरी विभाग के डाक्टर ने ले ली। पर डाक्टर की भूल या किसी अन्य कारण से एक्सर की रिपोर्ट में यह उल्लेख नहीं हो पाया। बाद में दूसरी जगह के जांच में फोरन बॉडी ओपेसीटी (गोली) का पता चला। इसी आरोप में संबंधित डाक्टर के साथ ही इमरजेंसी में पदस्थापित तीन एक्सर टेक्नीशियनों और एक डार्क रूम असिस्टेंट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया। फिलहाल ये चारों कर्मी छुट्टी लेकर स्वास्थ्य विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। सचिव से उन्होंने अपना नाम इस केस से इस आधार पर अलग करने का आग्रह किया है कि टेकनीशियन सिर्फ एक्सर करता है, उसकी रिपोर्ट और लीगल ओपिनियन देना डाक्टर का काम है। ऐसी स्थिति में वे दोषी नहीं है बावजूद उन्हें भी केस में घसीटकर बार-बार धमकी दी जा रही है। इससे वे सरकारी सेवा का निर्वाह नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से आग्रह किया है कि ऐसी स्थिति में सिर्फ दोषी पर केस दर्ज करने और निर्दोष को केस से हटवाने का वे निर्देश दें।

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