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बरौनी खाद फैक्ट्री के दिन फिर बहुरे

ेन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय खाद निगम और हिन्दुस्तान फर्टिलाइजर कार्पोरेशन की बंद इकाइयों को फिर चालू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हिन्दुस्तान फर्टिलाइजर कार्पोरेशन के बंद पड़े बरौनी कारखाने को सार्वजनिक उपक्रमों और सहकारी संस्थाओं की पुरानी योजना के आधार पर पुनर्जीवित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार की रात हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। मंत्रिमंडल ने इस कारखाने पर भारत सरकार के ऋण और ब्याज को भी माफ करने का निर्णय लिया। केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि मंत्रियों के समूह ने बरौनी कारखाने को प्राकृतिक गैस से चलाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। इसके अलावा करीब दो साल से भी अधिक समय तक ठंडे बस्ते में रहने के बाद मंत्रिमंडल ने मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का प्रस्ताव है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने बताया कि नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड, राष्ट्रीय कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, कृषक भारती कॉपरेटिव लिमिटेड ने मिलकर बरौनी कारखाने को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। चिदम्बरम ने बताया कि भारतीय खाद निगम और हिन्दुस्तान फर्टिलाइजर कार्पोरेशन आफ इंडिया की सात बंद पड़ी अन्य इकाइयों को पुनर्जीवित करने के लिए सचिवों की एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी जिसके अध्यक्ष उर्वरक सचिव होंगे। उन्होंने बताया कि राजग सरकार के शासनकाल में 86वां संविधान संशोधन किया गया था जिसमें शिक्षा के मौलिक अधिकार की व्यवस्था की गई थी और उसे लागू करने के लिए संप्रग सरकार ने मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक लाया। चिदम्बरम ने बताया कि इस विधेयक के पारित होने पर 86वां संविधान संशोधन को अधिसूचित कर दिया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने पर केन्द्र सरकार पर करीब 40 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शेयर पूंजी 5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए करने और बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 से बढ़ाकर 4प्रतिशत करने संबंधी संशोधन विधेयकों को स्वीकृति दे दी। जीवन बीमा निगम संशोधन विधेयक 2008 लोकसभा में पेश किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr नहीं होगी नौकरियों में कोई कटौती नई दिल्ली (एजेंसी)। भविष्य में होने जा रही नौकरियों में कटौती के बाबत एसोचैम की रिपोर्ट पर सरकार ने खास तवज्जो देते हुए इसे गलत ठहराया है। सरकार का कहना है कि दुनिया भर में चल रहे वित्तीय संकट के असर से भले ही नौकरियों का सृजन कम हो जाए लेकिन नौकरियों में कटौती की स्थिति नहीं है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वैश्विक मंदी क बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सात फीसदी रहगी, लकिन इसस मौजूदा नौकरियों मं कटौती हरगिज नहीं होगी।

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  • Web Title: बरौनी खाद फैक्ट्री के दिन फिर बहुरे