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ेंबोकारो का अपहृत व्यवसायी मुक्त

बोकारो के साड़म से अपहृत व्यवसायी महावीर जन और उनके सहयोगी चंद्रदेव ओहदार शुक्रवार को अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त हो गये। दोनों का 25 अक्तूबर को रांची में अपहरण कर लिया गया था। इस कांड को अंजाम देने में चंदन सोनार गैंग का हाथ माना जा रहा है। इस सिलसिले में दस लोगों के साथ गिरफ्तार एक महिला की भूमिका से पुलिस सकते में है।ड्ढr पूर्व मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा, दिवंगत विधायक रमेश सिंह मुंडा, जेपीसी के सदस्य व कई बड़े न्यायाधीश को एसएमएस करने, जान से मारने की धमकी देन, कभी भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह बनकर अजरुन मुंडा को फोन करने के आरोपी रंजन मिश्रा की पत्नी आशा मिश्रा की करतूत से रांची और बोकारो पुलिस के अधिकारी चौंक उठे हैं।ड्ढr रांन ंमिश्रा अभी रांची जेल में बंद है। जेल में रंजन की मुलाकात शातिर अपराधियों से हुई। उसी जेल में परश मुखर्जी के अपहरण का आरोपीं हाजीपुर का रहनेवाला चंदन सोनार भी जेल में बंद था। रंजन की मुलाकात सोनार से हुई। रंजन की पत्नी आशा अपने पति से मिलने वहां जाया करती थी। उसकी भी दोस्ती सोनार से हो गयी। कुछ दिन पहले चंदन जमानत पर छुटा है। उसने आशा से कहा था कि कोई बड़ा काम दिला दो। इसके बाद व्यवसायी महावीर जैन का फोन नंबर उपलब्ध करवाया गया। आशा महावीर को फोन करने लगी यह कह कर कि उसके पास पुराने सोने के सिक्के हैं जिसे वह बेचना चाहती है। 25 अक्तूबर को महावीर जैन अपने सहयोगी चंद्रदेव ओहदार के साथ रांची आये थे। आशा मिश्रा के निर्धारित स्थान पहाड़ी मंदिर के पास पहुंचते ही चंदन सोनार और उसके गिरोह के लोगों ने अपहरण कर लिया था।ड्ढr अपहरण के बाद व्यवसायी के परिवार वालों से पांच करोड़ रुपये की मांग की गयी थी। मोबाइल के जरिये रांची पुलिस आशा मिश्रा तक पहुंची। 30 अक्तूबर को आशा को दबोच लिया गया। बोकारो और रांची पुलिस ने छापामार कर और 10 लोगों को दबोचा। बाद में व्यवसायी को बूटी मोड़ के पास छोड़ दिया गया। पुलिस को यह भी पता चल गया हैकि आशा मिश्रा और उससे जुड़े लोग रांची में भी कई लोगों को धमकी दे रहे हैं। इसी तरह की एक सूचना लालपुर और सुखदेवनगर पुलिस को उपलब्ध करायी गयी है।

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