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'चीन की दीवार' तोड़ सायना बनीं चैम्पियन

'चीन की दीवार' तोड़ सायना बनीं चैम्पियन

भारतीय की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने अगले महीने होने वाले ओलंपिक से पहले चीन की खिलाड़ियों को चेतावनी दे दी जब उन्होंने जकार्ता में खिताबी मुकाबले में चीन की जुइरुई ली को हराकर तीसरी बार इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीता।

पिछले हफ्ते थाईलैंड ओपन का खिताब जीतने वाली पांचवीं वरीय गत चैम्पियन सायना ने ली को एक घंटे और चार मिनट में 13-21, 22-20, 21-19 से हराकर साल का अपना तीसरा खिताब जीता। इससे पहले इस भारतीय खिलाड़ी ने स्विस ओपन का खिताब भी जीता था।

वर्ष 2009 और 2010 में में खिताब जीतने वाले के बाद पिछले साल यहां उपविजेता रही दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी सायना ने कहा कि यह काफी कड़ा मुकाबला था और मुझे यहां के दर्शक पसंद हैं। यहां आकर खेलना काफी अच्छा लगता है। मैं यहां जब भी कोर्ट पर उतरती हूं तो चैम्पियन जैसा महसूस करती हूं।

सायना को हालांकि चीन की अपनी उस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जूझना पड़ा जिनके खिलाफ पिछले पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ एक जीत दर्ज की थी और वह भी 2010 में। राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा कि यह सायना के लिए काफी अच्छी जीत है। यह काफी जटिल स्थिति थी क्योंकि हमारा कार्यक्रम काफी कड़ा है। कई करीबी मुकाबले हुए और यह काफी मुश्किल सप्ताह रहा। अच्छी बात यह रही कि वह जोर लगाती रही।

गोपीचंद ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई वह शानदार थी क्योंकि जब उसने गेम गंवाया तब भी वह मानसिक रूप से दृढ़ थी। सायना की शुरुआत धीमी रही और उन्होंने लगातार चार अंक गंवा दिए। दोनों खिलाड़ियों ने दमदार स्मैश जमाए जबकि बेसलाइन रैली में भी दोनों खेल लगभग बराबरी का रहा। ली ने हालांकि पहले सेट में नेट पर अपने शानदार खेल से सायना को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया।

ली ने जल्द ही 11.6 की बढ़त बनाई और फिर आसानी से गेम अपने नाम करते हुए 1-0 की बढ़त बना ली। चीन की खिलाड़ी ने 15 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया और इस दौरान सायना के आठ स्मैश विनर के मुकाबले 15 स्मैश विनर लगाए।

दूसरे गेम में सायना ने वापसी की। भारतीय खिलाड़ी चीन की ली के कुछ शॉट बाहर मारने के बाद जल्द ही 7-4 की बनाई। सायना एक समय 11-7 और फिर 18-14 से आगे चल रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने कई गलतियां की और 18-20 से पिछड़ गई। सायना ने इसके बाद चैम्पियनशिप प्वाइंट बचाया और फिर गेम अपने नाम करते हुए मैच में अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा।

सायना ने दूसरे गेम में 16 स्मैश विनर लगाए। इस गेम में हालांकि ली की गलतियां भी निर्णायक साबित हुईं। बराबरी हासिल करने के बाद सायना ने तीसरे और निर्णायक गेम में मजबूत वापसी की। उन्होंने जल्द की 5-2 की बढ़त बनाई लेकिन इसके बाद 10-11 से पिछड़ गई।

सायना ने इसके बाद अंतिम क्षणों में वापसी करते हुए 19-16 की बढ़त बनाई। सायना ने इसके बाद एक चैम्पियनशिप प्वाइंट गंवाया लेकिन ली के बैकहैंड शॉट नेट पर उलझाने से उन्होंने खिताब अपने नाम कर लिया।

गोपीचंद ने कहा कि वह पिछले हफ्ते रविवार को खेली थी और यहां सोमवार रात पहुंची। बुधवार से दोबारा प्रत्येक मैच में उसी तरह का जज्बा और शरीरिक क्षमता दिखाना और इतने उतार चढ़ाव से गुजरना शानदार है। यह देखकर अच्छा लगा कि वह इतना अच्छा प्रबंधन कर रही है। कोच ने हालांकि कहा कि सायना को ओलंपिक से पहले अपनी कमजोरियों पर काम जारी रखना होगा और फिटनेस बरकरार रखनी होगी।

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