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राज के मुद्दे पर यूपीए में तनातनी

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बिहारियों की अस्मिता के मामले पर अपने साथ ही पार्टी के सभी केन्द्रीय मंत्रियों, सांसदों (लोकसभाराज्यसभा), विधायकों व विधानपार्षदों के 15 नवम्बर तक इस्तीफे की पेशकश की है। प्रसाद ने कहा कि उन्होंने रविवार से ही अपने सांसदों एवं विधायकों से इस्तीफा लेना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं वह ‘निर्दलीय अभियान समिति’ बनाकर एक साथ सूबे के सभी दलों के नेता पूर देश का दौरा करेंगे। वह देशवासियों को बताएंगे कि देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता के लिए बिहारियों ने संघर्ष शुरू कर दिया है। हम भारतीय हैं और क्षेत्रियता के खिलाफ हैं। बिहार महाराष्ट्रवासियों से नहीं बल्कि बाल ठाकर एवं उनके खानदान के कुकृत्यों का विरोध कर रहा है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस अभियान में साथ देने को कहा। प्रसाद ने राज ठाकर को देश का कपूत और मेन्टल केस कहते हुए उनको मारने की सुपारी देने वाले सपा नेता को भी मेन्टल केस करार दिया। उन्होंने कहा कि अब राज ऐसे ही मेन्टल लोगों के हाथ में आ गया है। इनके आगे अमिताभ बच्चन और शुत्रघ्न सिन्हा को भी झुकना पड़ रहा है।

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