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आलू उत्पादन बढ़ाने को प्रशिक्षण कार्यक्रम

किसानों को आलू रखने की जगह मिले या न मिले, राज्य सरकार इसका उत्पादन बढ़ाने को परशान है। आलू सड़ने से बेहाल किसानों को राहत देने के लिए कृषि मंत्री राज्य के कोल्ड स्टोराों में बाहर का आलू न रखा जाय इसके लिए प्रावधानों का अध्ययन कर रहे हैं। अधिक उत्पादन के कारण किसानों को कीमत नहीं मिल रही है तो दूसरी तरफ सरकार आलू का उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्पादकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम आयोजित कर रही है।ड्ढr ड्ढr बिहार कृषि प्रबंधन और प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेति) यह आयोजन केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के सहयोग से कर रहा है। मकसद होगा आलू के साथ आलू के बीज उत्पादन को बढ़ावा देना। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आलू में लगने वाले झुलसा रोग (लाइट ब्लाइट) और उससे बचाव के बार में भी जनकारी दी जायेगी। इसके लिए राज्य के 1जिलों का चयन किया गया है। इसके लिए सरकार किसानों को अपने खर्चे से पटना बुलाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता के साथ दैनिक भत्ता भी दिया जायेगा।ड्ढr ड्ढr बामेति ने चयनित जिलों के आत्मा के अध्यक्ष सह जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर इसके लिए किसानों को भेजने की व्यवस्था करने को कहा है। हर जिले से 25 किसान बुलाये जाएंगे। जिन जिलों के किसानों को प्रशिक्षण देना है उनमें पटना और नालंदा समेत रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, गया, मुजफ्फरपुर, बक्सर, भोजपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सारण, वैशाली, सीवान और समस्तीपुर शामिल हैं। 17 नवम्बर से शुरू होने वाले इस प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग जिलों की अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। पहले दिन पटना और रोहतास के किसानों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है।

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  • Web Title: आलू उत्पादन बढ़ाने को प्रशिक्षण कार्यक्रम