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मंदी के बावजूद सूबे में निवेश बढ़ रहा

आप मानें या न मानें। मगर यह सच है। विश्वव्यापी मंदी के बावजूद निवेश के मामले में अपने बिहार की छवि सुधर रही है। सूबे में कल-कारखाने लगाने के लिए मंजूरी देने वाले राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद ने अब तक ऐसे 145 प्रस्तावों को सहमति दी है। इसके जरिए सूबे में 80 हजार 210 करोड़ रुपए का निवेश होगा। देश के जाने-माने उद्योगपतियों से एक के बाद एक मिले रहे पूंजी निवेश के बड़े-बड़े प्रस्तावों से गदगद उद्योग मंत्री दिनेशचन्द्र यादव ने कहा कि इससे रोजगार की समस्या भी हल होगी। इन निवेशों के सरजमीं पर उतरने पर 1.17 लाख लोगों को राजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक प्रस्ताव चीनी क्षेत्र के लिए आए हैं।ड्ढr ड्ढr इनमें 23 नई चीनी मिलें लगाने, 7 कार्यरत मिलों का विस्तार करने और कार्यरत दो मिलों में इथनॉल प्लांट लगाने को लेकर है। इसके साथ ही गन्ने के रस से इथनॉल की 14 इकाइयां लगाने, 17 पावर प्लांट बैठाने, 15 स्टील प्रोसेसिंग एवं सीमेंट, 13 फूड प्रोसेसिंग, 12 तकनीकी संस्थान (इंजीनियरिंग कालेज, मैनेजमेंट आदि), 17 चिकित्सा संस्थान (मेडिकल कालेज-हॉस्पीटल) खोलने और 34 अन्य के लिए हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पर्षद से सहमति प्राप्त प्रस्तावों को अमल में लाने के लिए फिलहाल 606 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। बलिया में खेमस का राष्ट्रीय सम्मेलन 7 सेड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। भाकपा माले के खेतमजदूर कार्यकर्ता भी मनसे-शिवसेना द्वारा बिहारियों पर किये जा रहे हमले के खिलाफ आंदोलन करेंगे। बलिया में 7-8 नवम्बर को होने वाले खेमस के तीसर राष्ट्रीय सम्मेलन में यही मुख्य मुद्दा होगा। संवाददाता सम्मेलन में अखिल भारतीय खेतमजदूर सभा (खेमस) के राष्ट्रीय महासचिव धीरन्द्र झा ने कहा कि आजादी के छह दशक बाद भी देश के 26 करोड़ खेतमजदूरों के लिए केन्द्रीय कानून नहीं होना काफी शर्मनाक है। केरल को छोड़ देश के किसी भी राज्य ने समाज के इस सबसे कमजोर तबके के लिए कानून नहीं बनाया है। राष्ट्रीय सम्मेलन में इसे प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए सम्मेलन में ऐसे मजदूरों का एक मंच बनाने का प्रयास होगा।ड्ढr ड्ढr 24 लाख सदस्यता वाले खेमस के इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के 1500 प्रतिनिधि भाग लेंगे। नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अतिथियों के साथ ही देश के कई जाने-माने बुद्धजीवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। 7 नवम्बर को वहां मजदूर किसान अधिकार रैली होगी जिसमें माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य भाग लेंगे।

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