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बाजार समिति कुव्यवस्था: समायोजन में ही ‘दो-दो’ प्रमोशन तक दिया

बाजार समिति में अफसरशाही और मनमाने पोस्ट तक देने का खेल खुलकर चल रहा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसमें अधिकारी ने समायोजन के खेल में ही ‘दो-दो’ प्रमोशन तक दे दिए। अफसरशाही की इस बड़ी ‘चालाकी’ या ‘चूक’ को बाजार समिति के प्रशासक बी.राजेन्दर ने पकड़ लिया है। उन्होंने इस गलती के लिए उक्त अधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा है। स्पष्टीकरण का जवाब तीन दिनों के अंदर देना है। उप निदेशक डॉ. एम.एम घोष और प्रबंधक (प्रशाखा पदाधिकारी) चन्द्रिका साव को भेजे स्पष्टीकरण में कहा गया है कि उनके खिलाफ सरकार में अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जा सकती है।ड्ढr ड्ढr मजेदार बात तो यह है पांच कर्मचारियों की इस सूची में श्री साव खुद भी शामिल हैं। भंग बाजार समिति के कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में समायोजित किया गया। इसी क्रम में र्मचारियों को बाजार समिति में कार्य के लिए वापस रखा गया। इसी में सारा खेल हुआ। समायोजन में बाजार समिति के कर्मचारियों को जूनियर पद पर भेजा गया, लेकिन समिति के अधिकारियों ने वापसी में उन्हें अपने मन से प्रमोशन देकर बुलाया। कायदे से उन्हें समान पद पर ही समिति में वापस होना था। बी. राजेन्दर ने इन दोनों अधिकारियों से पूछा है कि उनके द्वारा दिए गए प्रस्ताव में संबंधित कर्मियों का पदनाम सरकार में प्रतिनियुक्ित हेतु भेजा गया था, किन्तु सरकार एवं पर्षद के अभिलेख में समानता नहीं पायी जा रही है। यह प्रशासनिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। सूची में राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत दो जूनियर इंजीनियरों को इन अधिकारियों ने अपने प्रस्ताव में असिस्टेंट और एक्जक्यूटिव इंजीनियर बना दिया जबकि ग्राम पंचायत सेवक को मूल्य प्रतिवेदक और ग्राम पंचायत पर्यवेक्षक को पणन सचिव बनाने का प्रस्ताव दे दिया गया।

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  • Web Title: बाजार समिति कुव्यवस्था: समायोजन में ही ‘दो-दो’ प्रमोशन तक दिया