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रिम्स में स्वतंत्र फॉरेंसिक विभाग की स्थापना होगीरिम्स में स्वतंत्र फॉरेंसिक विभाग की स्थापना होगी

खोला जायेगा। इसकी स्थापना रिम्स में होगी। इसके साथ ही स्वतंत्र फॉरेसिंक विभाग की स्थापना होगी। इसके अंतर्गत फिंगर प्रिंट और डीएनए जांच की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी।ड्ढr रिम्स निदेशक डॉ एनएन अग्रवाल ने इससे संबंधित प्रस्ताव सरकार को भेजा है। फॉरेंसिक विभाग की उपयोगिता को और बढ़ाने के सुझाव भी प्रस्ताव में शामिल हैं। रिम्स शासी परिषद से भी इसकी मंजूरी लेनी है।ड्ढr फिलहाल डीएनए जांच के लिए हैदराबाद ही एकमात्र विकल्प है। स्वतंत्र फॉरेंसिक विभाग की स्थापना के बाद डीएनए व फिंगर प्रिंट सहित विभिन्न प्रकार के फॉरेंसिक जांच की सुविधा रिम्स में उपलब्ध होगी। पूर्वी भारत का यह एकमात्र केंद्र होगा, जहां एक छत के नीचे सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा रिम्स में केंद्रीय शोध केंद्र की स्थापना की कोशिश भी की जा रही है। इसमें एक ही जगह सभी प्रकार के जांच के साथ शोध कार्यो को बढ़ावा देने की कोशिश की जायेगी। इसमें एक उच्चस्तरीय प्रयोगशाला भी होगी।ड्ढr इसके अलावा रिम्स में रेप किड विभाग की स्थापना का प्रस्ताव भी तैयार किया जायेगा। यहां आनेवाली पीड़िताओं को अपने मुंह से कुछ भी कहने की जरूरत नहीं होगी। सीधे उनका उपचार हर ढंग से किया जायेगा और उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध करायी जायेगी। ं

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