DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रहमान राही को मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार

श्मीर के दुख-दर्द को अपनी कलम से बयां करने वाले कवि आलोचक रहमान राही को गुरुवार को 40वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया। प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने संसद भवन के बालयोगी सभागार में राही को एक गरिमापूर्ण एवं भव्य समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उनका चयन ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता उड़िया कवि सीताकांत महापात्र की अध्यक्षता वाली जूरी ने किया। डा सिंह ने पुरस्कार में राही को पांच लाख रुपये का चैक, वाग्देवी की एक प्रतिमा तथा प्रशस्ति पत्र एवं शाल प्रदान किया। भारतीय ज्ञानपीठ के रवींद्र कालिया के अनुसार अगले वर्ष से ज्ञानपीठ पुरस्कार की राशि सात लाख रुपये हो जाएगी। राही यह पुरस्कार पाने वाले पहले कश्मीरी लेखक है। उन्हें पद्मश्री पुरस्कार भी मिल चुका है तथा साहित्य अकादमी का फैलो भी बनाया गया है जो अकादमी का सवर्ोच्च सम्मन है। छह मई 1ो जन्मे रहमान राही का मूल नाम अब्दुर रहमान है। वह कश्मीर विश्वविद्यालय से 1में अवकाश ग्रहण करने के बाद इन दिनों स्वतंत्र लेखन कर रहे है। एक पत्रकार के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले राही पहले उर्दू में लिखते रहे। बाद में उन्होंने अपनी मातृभाषा कश्मीरी में लिखना शुरू किया और उन्होंने आज देश का सवर्ोच्च साहित्यिक सम्मान मिलने का गौरव प्राप्त किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: रहमान राही को मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार